बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ओडिशा में तीन ट्रेनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। बनर्जी ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग सच्चाई जानें। यह सच्चाई को दबाने का समय नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 12 साल पहले ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हादसे की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक उसका कोई नतीजा सामने नहीं आया।
ममता ने कहा, “मैंने 12 साल पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो को ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना का मामला दिया था। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। मैंने सैंथिया केस भी सीबीआई को सौंप दिया। वहां भी कोई नतीजा नहीं निकला। सीबीआई आपराधिक मामलों की जांच करती है लेकिन यह एक दुर्घटना का मामला है। रेलवे सुरक्षा आयोग है। ये पहले करते थे। हम चाहते हैं कि लोग सच्चाई जानें। यह सच्चाई को दबाने का समय नहीं है। उन सभी के बारे में सोचिए जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अज्ञात शवों की पहचान की जानी चाहिए। “इतने सारे शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। जहां तक मुझे पता है, 120 शव अज्ञात पड़े हुए हैं। उन्हें पहले इन्हें ठीक करने दो।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा ट्रेन हादसे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ‘दाल में कुछ काला है’, हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। ओडिशा में हुई ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना ने 275 लोगों की जान ले ली और 1000 से अधिक घायल हो गए। इस घटना को देश में हुए सबसे खराब रेल दुर्घटनाओं में से एक बताया जा रहा है।
इससे पहले बनर्जी ने कहा था कि “जब शनिवार को उनके (अश्विनी वैष्णव) सामने मैंने एंटी कोलिशन वाली बात का जिक्र किया तो रेल मंत्री चुप क्यों थे? दो तरह के बयान आ रहे हैं, दाल में कुछ काला है। मैं चाहती हूं जो सच है वह सामने आए।”
भाजपा सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए ममता ने कहा, ‘शनिवार को मेरे साथ रेल मंत्री और धर्मेंद्र प्रधान दोनों खड़े थे लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा, मैं बहुत कुछ कह सकती थी क्योंकि मैं खुद रेल मंत्री रही हूं…कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस में एंटी कोलिशन डिवाइस क्यों नहीं था? रेलवे को सिर्फ बेचने के लिए छोड़ दिया है।‘
ममता ने कहा था – “दाल में कुछ काला है। हम आपका इस्तीफा नहीं मांग रहे हैं। चुनाव के समय जनता आपको इस्तीफा दे देगी। एक जांच पूरी करने में तीन महीने लगते हैं।’
बनर्जी ने पूछा- “अब बताओ कि कितनी केंद्रीय टीमें वहां गईं और कितने मानवाधिकार आयोग वहां भेजे जाएंगे?”
मौत के बदलते आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी में इतना अंतर कैसे हो सकता है? सुबह से शाम तक आंकड़े बदलते रहे हैं। दाल में कुछ काला है।”
लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ लोगों के लिए न्याय चाहती हूं। मरीजों और मृतक के परिजनों को परेशान न किया जाए। संख्या को दबाना नहीं चाहिए और वास्तविकता को छिपाना नहीं चाहिए। सच्चाई सामने आनी चाहिए।”
उन्होंने कहा था, “जो लोग (भाजपा नीत केंद्र सरकार) इतिहास बदल सकते हैं, कोई भी संख्या बदल सकते हैं। लोगों के साथ खड़े होने के बजाय वे मुझे, नीतीशजी, लालूजी को गाली दे रहे हैं…2002 में गोधरा में चलती ट्रेन में आग कैसे लग गई।?… इतने लोग मारे गए, उन्हें (भाजपा) कम से कम माफी मांगनी चाहिए थी”
बनर्जी ने कहा- ‘क्या कभी इन लोगों ने सोचा कि मैंने अपने समय में रेलवे को कितना आधुनिक किया। हम लोगों ने बहुत मेहनत से काम किया है। जितनी भी मेट्रो ट्रेन है हमने हमारे समय में बनाई। मुंबई रेलवे विकास कॉरपोरेशन किसने बनाया था? अपने समय में इसे मैंने बनाया था। अगर मैं नहीं होती तो दिल्ली मेट्रो शुरु ही नहीं होती।’
ममता बनर्जी ने बताया कि जिस दिन यह घटना हुई उसी दिन हमने 150 एम्बुलेंस, 50 डॉक्टर, नर्स, बस और आपदा प्रबंधन की टीम दुर्घटनास्थल भेजी। हम ओडिशा सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस दुर्घटना में पश्चिम बंगाल के 62 लोगों की मृत्यु हो गई।
उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकार मृतक के परिवारों को 5 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 1 लाख रुपए देगी, उनका पूरा इलाज कराएगी और 3 महीने तक उनकी सहायता भी करेगी। जिन लोगों को मामूली चोट आई है उन्हें राज्य सरकार 25 हज़ार रुपए देगी। बालासोर दुर्घटना से बचकर जो लोग अपने घर आ गए हैं लेकिन ट्रॉमा में हैं उन्हें राज्य सरकार 10 हज़ार रुपए देगी और आने वाले तीन महीने तक प्रति परिवार को 2 हज़ार रुपए और राहत सामग्री दी जाएगी।’
बता दें कि बालासोर जिले के बहनागा बाजार स्टेशन पर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच हुई दुर्घटना में 275 लोगों की मौत हो गई।
