दिल्ली पुलिस मंगलवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित आवास पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक, सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में 12 लोगों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस सिंह के आवास पर पहुंची थी। दिल्ली पुलिस ने मौके पर जाकर बृजभूषण के साथ काम करने वाले लोगों के नाम-पते और पहचान पत्र साक्ष्य के तौर पर जुटाए हैं। पुलिस ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के कई समर्थकों से भी पूछताछ की।
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में अब तक कुल 137 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। यह पता नहीं चला है कि पुलिस ने सिंह से उनके आवास पर भी पूछताछ की या नहीं।
इससे पहले 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में WFI प्रमुख के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें एक प्राथमिकी नाबालिग पहलवान के पिता की शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) के तहत किया गया था। इसमें दोष सिद्ध होने पर सात साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
वहीं, दूसरी FIR अन्य पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है, जिसके लिए दो से तीन साल जेल की सजा का प्रावधान है। इन मामलों में पुलिस की जांच जारी है।
दोनों FIR में आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) का हवाला दिया गया है, जिसमें एक से तीन साल की जेल की सजा है। पहली प्राथमिकी में 6 पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम है। दूसरी FIR एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर आधारित है और POCSO अधिनियम की धारा 10 को भी लागू करती है, जिसमें पांच से सात साल की कैद होती है। जिन घटनाओं का जिक्र किया गया है, वे कथित तौर पर 2012 से 2022 तक भारत और विदेशों में हुईं।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सिंह ने उनके करियर में मदद करने का वादा करते हुए यौन अनुग्रह की मांग की थी। सिंह ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि अगर उनके खिलाफ एक भी आरोप साबित हो जाता है तो भी वह फांसी लगा लेंगे।
