राहुल की अयोग्यता के विरोध में कई राज्यों में प्रदर्शन, काले कपड़ों में संसद परिसर में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने के बाद कांग्रेस सरकार से आर पार की लड़ाई के मूड में है। राहुल गांधी को अयोग्य ठहराए जाने के बाद आज देशभर में कांग्रेस और उसके गठबंधन दल सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार सुबह कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा के सांसद समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस और सहयोगी विपक्षी दलों के साथ टीएमसी भी मौजूद रही।

वहीं कांग्रेस के सांसद आज राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। कांग्रेस सांसदों ने संसद में सीपीपी कार्यालय की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी प्रमुख और राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य उपस्थित थे।

अडानी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने काला कपड़ा पहनकर संसद में गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के संसद सदस्यता जाने के मुद्दे पर सभी विपक्षी पार्टियों का साथ देने के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि हम काले कपड़ों में आए हैं क्योंकि मोदी जी लोकतंत्र को एक-एक करके खत्म कर रहे हैं। चुनाव में जीतकर आए लोगों को धमकाया जा रहा है और अपनी सरकार बनाई जा रही है। जो झुकने से मना कर रहे हैं, उन्हें ED और CBI का डर दिखाया जाता है। खरगे ने पूछा कि अडानी की संपत्ति ढाई साल में 12 लाख करोड़ कैसे हो गई?

खरगे ने अडानी मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि हम चाहते हैं कि सच देश के सामने आए। महज ढ़ाई साल में अडानी की संपत्ति कई गुना बढ़ गई, इसके पीछे क्या वजह है? क्या उनके पास कोई जादू है, जो ऐसा कर सकते हैं। हम इस जादू के बारे में देशवासियों को बताना चाहते हैं। अगर जेपीसी का गठन होता है तो पूरे देश को अडानी के जादू के बारे में पता चल जाएगा। उन्होंने कहा- ‘कानून को अगर हाथ में लिया जाएगा तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा, किसी को बोलने की आज़ादी नहीं रहेगी और इसलिए हम ये विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अडानी आज जो इतना बड़ा आदमी बन गया है उसपर सरकार क्यों चुप है, हम इस मुद्दे पर JPC चाहते हैं’।

राहुल को सांसद के रूप में अयोग्य ठहराए जाने के विरोध में जहां कांग्रेस विधायक काली शर्ट पहनकर तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे। वहीं, पटना में महागठबंधन के नेता काली पट्टी पहनकर पहुंचे। ओडिशा में भी कांग्रेस विधायकों ने सदन में प्रदर्शन किया।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि जब हम संसद में बोलते हैं तो वह सदन नहीं चलने देते। जब हम बाहर बोलते हैं, तो वह ऐसा निर्णय लेते हैं जो अयोग्यता की ओर ले जाते हैं। लोकतंत्र को कुचलने वाले इन लोगों का जब हम काले कपड़े पहनकर विरोध करेंगे तो हम बताएंगे कि आपका वक्त खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल 2024 में देश में लोकतंत्र आ जाएगा।

दूसरी तरफ बीजेपी भी राहुल गांधी मामले पर हमलावर है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि हमने राहुल गांधी को आदतन अपराधी की तरह काम करते देखा है। साल 2018 में जब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगी तो उन्होंने माफी मांगकर अपना बचाव किया। उन्हें याद रखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भविष्य में ऐसी गलतियां करने से बचने को कहा था। राहुल को सजा मिलने के बाद जिस तरह कांग्रेस न्यायपालिका पर सवाल खड़े कर रही है, उससे साफ है कि पार्टी नेताओं को संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है।

विपक्ष के प्रोटेस्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कहा, “आपको घोड़े की दौड़ चलाने के लिए गधा मिल रहा है। वे वास्तव में कुछ गंभीर आत्मनिरीक्षण करने के योग्य हैं। भारत के लोग उनका न्याय करेंगे कि वे क्या हैं। अदालत की कार्रवाई को अदालत में लड़ो, तुम महाभारत और सावरकर का आह्वान कर रहे हो।”

बता दें कि सोमवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही भी नहीं चल सकी। कार्यवाही शुरू होते ही जैसे आसार थे, राहुल गांधी की सदस्यता के मुद्दे पर हंगामा हो गया और फिर दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। संसद में सोमवार को विपक्ष के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर तख्तियां और कागज फेंके।

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