बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने उनके और उनके परिवार के आवासों पर ED द्वारा की गई छापेमारी के लिए बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और उन्हें जब्ती सूची प्रकाशित करने की चुनौती दी। तेजस्वी ने कहा- “ठेंगा मिला तेजस्वी के घर से (उन्हें तेजस्वी के घर से कुछ नहीं मिला)। मैं उन्हें (ईडी) जब्ती सूची सार्वजनिक करने की चुनौती देता हूं या मैं ऐसा करूंगा”।
उन्होंने व्यंग्यात्मक तौर पर कहा, “जिस तरह से चीजों का प्रचार किया जा रहा है, ऐसा लगता है कि मैं असली अडानी हूं।” तेजस्वी ने दावा किया कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनके दिल्ली स्थित घर पर “आधे घंटे में” छापेमारी पूरी कर ली थी, लेकिन जाँच एजेंसी के अधिकारी उनके घर पर घंटो तक “ऊपर से मंजूरी” की प्रतीक्षा में रुके थे।
राजद नेता ने कहा कि वह इस तरह के छापों से झुकने वाले नहीं हैं। “ऐसे फर्जी मामलों से लड़ने के लिए दिल और हिम्मत चाहिए। हम (लालू परिवार) में ऐसी स्थितियों से निपटने का साहस और राजनीतिक विवेक है।
यादव ने कहा कि, “पिछले साल महागठबंधन 2.0 के गठन के दिन हमारे यहां छापा मारा गया था। 2017 में भी उन्होंने इसी अंदाज में ऐसा किया था… लोग कह रहे हैं, मेरे पास से काफी दौलत वसूल की गई है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं… ये पहले बेनामी कहते थे, अब क्यों नहीं कहते? उन छापों का क्या हुआ? क्या मिला? उनकी रणनीति काम नहीं करेगी क्योंकि मुझमें उनके खिलाफ संघर्ष करने का साहस है। मेरी बहनों के ठिकानों पर छापेमारी की गई और इस्तेमाल किए गए आभूषणों की तस्वीरें ईडी द्वारा प्रसारित की गईं”।
तेजस्वी ने कहा, “अभी खबर चलाएंगे, ये मिला। वो मिला। सब शेर जैसा दहाड़ेंगे। दस दिन बाद म्यांऊ। सब शांत हो जाएगा।”
तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा, “चाहे गृह मंत्री अमित शाह हों या कोई और इन एजेंसियों की एक ही पटकथा बार-बार दोहराने वाले निर्देशक को अब बदल दिया जाना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हम बीजेपी और आरएसएस के फर्जी एंटायर पॉलिटिकल साइंस वाले नहीं, बल्कि समाजवादी लोग हैं। हम वास्तविक राजनीति करने वाले लोग हैं। इसके लिए हमारे पास दृढ़ विश्वास व जनता का अपार समर्थन है, लेकिन वे डरे हुए हैं, और राजनीतिक लड़ाई से दूर भागने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने भाग्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा, ‘पूर्णिया की रैली में भीड़ ने उन्हें परेशान कर दिया। राजनीति सबसे निचले स्तर पर चली गई है और जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी।
ईडी ने एक बयान में कहा था कि लालू प्रसाद के परिवार द्वारा नौकरियों के बदले कथित रूप से अधिग्रहीत भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपये है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नौकरी के बदले जमीन मामले में तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए तलब भी किया है।
