जुनैद-नासिर हत्याकांड: सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए हरियाणा सरकार ने नूंह जिले में बंद किया इंटरनेट

हरियाणा सरकार ने रविवार को नूंह जिले में सांप्रदायिक तनाव और शांति भंग की आशंका के चलते मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को तीन दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, “प्रतिबंध 26 फरवरी से 28 फरवरी, 2023 (23:59 बजे) तक प्रभावी होगा।”

सूत्रों ने कहा कि नूंह में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है जहां सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार को फिरोजपुर झिरका में नूंह-अलवर राजमार्ग को जाम कर दिया था। ये लोग भरतपुर के दो लोगों (जुनैद और नासिर) के अपहरण और हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इन दोनों के शव हरियाणा के भिवानी में मिले थे।

“हरियाणा सरकार ने 26 से 28 फरवरी रात 12 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (2जी/3जी/4जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), और सभी SMS सेवाओं (बल्क एसएसएम सहित बैंकिंग व मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) तथा वॉइस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली सभी डोंगल सेवाएं आदि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। जिला नूंह के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में वॉयस कॉल तत्काल प्रभाव से लागू होते हैं।” इसमें “सांप्रदायिक तनाव और सार्वजनिक शांति की गड़बड़ी के संभावित कारण” का हवाला दिया गया है।

ये आदेश दूरसंचार सेवाओं का अस्थायी निलंबन नियम, 2017 के नियम (2) के साथ पठित भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 5 के तहत जारी किए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि मोबाइल फोन और एसएमएस पर व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर आदि जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुष्प्रचार और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए अस्थायी निलंबन लगाया गया है।

शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के कारण लगभग एक घंटे तक राजमार्ग पर भारी जाम लगा रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की और सड़क को खाली कराया। नूंह-अलवर हाईवे पर विरोध प्रदर्शन के बाद नूंह जिले में सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया गया। पुलिस ने शनिवार को राजमार्ग को अवरुद्ध करने के लिए 500 से अधिक लोगों पर आरोप लगाया था।

बता दें कि राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमीका गांव के दोनों निवासी नासिर और जुनैद का 15 फरवरी को गौ रक्षकों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था और उनका शव अगले दिन हरियाणा के भिवानी के लोहारू में एक जली हुई कार में मिली थी। राजस्थान पुलिस ने कहा है कि उसे प्राथमिकी में नामित आठ आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं। अधिकारियों ने कहा कि वे नूंह के अनिल और श्रीकांत, कैथल के कालू, करनाल के किशोर और शशिकांत, भिवानी के मोनू और गोगी और जींद के विकास हैं।

अधिकारियों ने कहा कि, हालांकि मामले में बजरंग दल के सदस्य मोनू मानेसर की भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। बुधवार को गिरफ्तार आरोपी रिंकू सैनी को एक अदालत में पेश किया गया जिसने उसे 27 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

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