भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और खिलाड़ियों के बीच विवाद अभी भी जारी है। बीते दिनों खिलाड़ियों द्वारा कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद खेल मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया था। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि यह समिति आरोपों की जांच कर एक महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। लेकिन खिलाड़ियों ने अब अपनी नाराजगी जाहिर है और समिति के गठन पर सवाल उठाए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि कमेटी के गठन से पहले उनकी राय नहीं ली गई। इसके साथ ही उन्होंने इस कमेटी को भंग करने की भी अपील की है।
अपना विरोध जताते हुए पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने ट्वीट किए हैं। इन सभी पहलवानों का कहना है कि हमें आश्वासन दिया गया था कि निगरानी समिति के गठन से पहले हमसे परामर्श किया जाएगा। लेकिन बड़े दुख की बात है कि इस समिति के गठन से पहले हमसे कोई राय तक नहीं ली गई।
विनेश फोगाट ने कहा है कि, ‘हम चाहते हैं कि सरकार द्वारा बनाये गए इस निगरानी समिति को भंग कर दिया जाए। हमारी मांग है कि सरकार एक नई समिति का गठन करे और साथ ही जो नई समिति बने उसमें हमारी पसंद के मेंबर्स को शामिल किया जाए’। विनेश ने कहा कि हमें उम्मीद है कि मंत्रालय हमारी बात सुनेगा।
साक्षी मलिक ने ट्वीट करते हुए लिखा, “हमें आश्वासन दिया गया था कि ओवरसाइट कमेटी के गठन से पहले हमसे परामर्श किया जाएगा। बड़े दुख की बात है कि इस कमेटी के गठन से पहले हमसे राय भी नहीं ली गई।”
बजंरग पुनिया ने भी वही ट्वीट किया है जो अन्य खिलाड़ियों ने किया है। पुनिया ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अनुराग ठाकुर को टैग किया है। बाकी खिलाड़ियों ने भी इन सभी को अपने ट्वीट में टैग किया है।
मालूम हो कि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानो द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए सोमवार को ही पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था। खेल मंत्री का कहना था कि पहलवानों के आरोपों को खेल मंत्रालय ने धैर्य से सुना। बड़ी गंभीरता से विचार करते हुए निगरानी समिति का गठन किया है। ओलिंपिक मेडल विजेता मैरी कॉम को 5 सदस्यीय समिति का समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। मैरी कॉम के अलावा योगेश्वर दत्त, तृप्ती मुरगुंडे, राधिका श्रीमन और राजेश राजगोपालन को भी समिति में शामिल किया गया है। खेल मंत्रालय ने इन लोगों को अगले एक महीने तक भूषण पर लगे तमाम आरोपों की जांच करने और डब्ल्यूएफआई के रोजमर्रा के कामकाज को देखने की जिम्मेदारी सौंपी है।
बता दें कि खिलाडियों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ तानाशाही रवैया अपनाने और पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। बृजभूषण सिंह बीजेपी सांसद भी हैं। हालांकि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों ने उन खिलाड़ियों के नामों को उजागर नहीं किया था जिनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, रवि दहिया, अंशु मलिक, संगीता फोगाट और सोनम मलिक सहित अन्य पहलवानों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दिया था।
