शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत के खिलाफ मुंबई की शिवड़ी कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने संजय राउत के खिलाफ किरीट सोमैया की पत्नी मेघा सोमैया की मानहानि याचिका से जुड़े मामले में ये वारंट जारी किया है। बताया जा रहा है कि बार-बार समन करने के बाद भी राउत कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी को होगी। संजय राउत को अगली सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश रहना होगा। राउत ने मेधा पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था।
शुक्रवार को संजय राउत के वकील सनी जैन ने एक आवेदन दायर कर मानहानि के मामले में सुनवाई में पेश होने से छूट मांगी थी। सोमैया के वकील लक्ष्मण कनाल और विवेकानंद गुप्ता ने आवेदन का विरोध किया और कहा कि राउत कभी भी कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। कोर्ट ने इससे पहले 4 जुलाई 2021 को संजय राउत के खिलाफ 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। सोमैया के वकील ने जोर देकर कहा कि राउत निचली अदालत के सामने कभी नहीं आए, जबकि सांसद के वकीलों ने अदालत से कहा कि वह अगली सुनवाई के दौरान अदालत में उपलब्ध रहेंगे।
इससे पहले, संजय राउत अगस्त में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश हुए थे, जहां उन्होंने दोषी न होने की दलील दी थी।
मेधा सोमैया ने कोर्ट में कहा कि संजय राउत ने उन पर करोड़ों रुपये का शौचालय घोटाले का झूठा आरोप लगाकर बदनाम किया है। मेधा सोमैया ने अपनी शिकायत में दावा किया कि संजय राउत ने उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार और पूरी तरह से अपमानजनक आरोप लगाए थे। मेधा मुंबई के रुइया कॉलेज में प्रोफेसर हैं, उन्होंने राउत के खिलाफ धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि 15 अप्रैल 2022 के आसपास और उसके बाद राउत ने मीडिया में उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण बयान भी दिए।
