सुप्रीम कोर्ट ने आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में आरोपी आनंद गिरि की जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और सरकार से इस मामले में दो हफ्ते में जवाब मांगा है।इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी आनंद गिरि को जमानत देने से इंकार कर दिया था। आंनद ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सीबीआई ने 20 नवंबर, 2021 को लोकल कोर्ट में आनंद गिरि और दो अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। उसके बाद लोकल कोर्ट ने 11 नवंबर, 2021 को आनंद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
मालूम हो कि आनंद गिरि 22 सितंबर 2021 से जेल में बंद है। पिछले महीने ही उसे नैनी केंद्रीय कारागार से चित्रकूट कारागार भेजा गया था। आनंद गिरि पर महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
आनंद गिरि के वकील विजय कुमार द्विवेदी ने नैनी जेल प्रशासन पर आनंद के उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग, महानिदेशक जेल और प्रमुख सचिव (गृह) को पत्र लिखा था। वकील ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वे 16 अगस्त 2022 को आनंद गिरि से कानूनी बातचीत के लिए नैनी जेल गए थे तो उनके सामने ही जेलर ने आनंद गिरि के साथ गाली गलौज किया और जेल में ही उनकी हत्या कराने की धमकी दी थी और जब उन्होंने बीच बचाव करने की कोशिश की तो उन्हें भी गालियां दी गई।
बता दें कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर, 2021 को अपने मठ के एक कमरे में मृत पाए गए थे। उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि और दो अन्य लोगों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। घटना के समय आनंद गिरि हरिद्वार के आश्रम में था। पुलिस ने आनंद गिरि को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रमुख नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।
