Gujarat Morbi Bridge Collapse Update: 140 से ज्यादा की मौत, रिनोवेशन के बाद बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के खोला गया था पुल, राहत कार्य में जुटी है तीनों सेना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृहराज्य गुजरात के मोरबी में रविवार को हुए पुल हादसे में अब तक 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, मृतकों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है। अब तक 177 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। सूत्रों से खबर है कि रिनोवेशन का काम पूरा हो जाने के बाद जब 25 अक्टूबर को इसे लोगों के लिए खोला गया तब स्थानीय नगरपालिका ने इस पुल को कोई फिटनेस सर्टिफिट जारी नहीं किया था, फिर भी ये पुल चालू कर दिया गया। इस हादसे को लेकर जांच की जा रही है कि कहीं इसमें कोई साजिश तो नहीं है। गुजरात प्रशासन द्वारा इस पुल दुर्घटना से पूर्व के मिले वीडियो के जरिए जांच की जा रही है। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या एक साथ इतने ज्यादा लोग रोज पुल पर चढ़ते थे? यदि ऐसा नहीं है तो रविवार को अचानक से इतने लोग कैसे पुल पर गए? वीडियो में कुछ लड़के पुल पर नजर आ रहे हैं जो कुछ करतब करते दिख रहे हैं, वो कौन हैं? कोई राजनीतिक या अन्य साजिश तो नहीं है? वैसे रिनोवेशन के एक ही हफ्ते के अंतराल में इतना बड़ा हादसा होना कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।

तीनों सेनाओं की टीमें राहत कार्य में जुटी है-

राज्य सरकार के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF की 3 प्लाटून, INDIAN NAVY 50 जवानों की टीम, AIR FORCE के 30 जवान, INDIAN ARMY की 2 टीमें और फायर ब्रिगेड की 7 टीमें भेजी गई हैं. SDRF की 3 और राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) की दो प्लाटून भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजी जा चुकी है।

पुल हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का हुआ गठन-

मोरबी पुल घटना की जांच के लिए सरकार ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में महानगर पालिका प्रशासन आयुक्त राजकुमार बेनीवाल, चीफ इंजीनियर केएम पटेल, एलडी इंजीनिय¨रग कालेज के विभागाध्यक्ष डा. गोपाल टांक, मार्ग एवं आवास विभाग के सचिव संदीप वसावा तथा सीआइडी क्राइम के आइजी सुभाष त्रिवेदी शामिल हैं।

कांग्रेस ने हादसे के लिए राज्य सरकार को बताया जिम्मेदार, 5 सवाल भी पूछे-

इस हादसे पर कांग्रेस पार्टी ने राज्य की भाजपा सरकार पर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव की जल्दबाजी में भाजपा ने पुल को लोगों के लिए जल्दी खोल दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘मोरबी पुल हादसे में गई अनगिनत जानों की दर्दनाक खबर ने पूरे देश का दिल दहला दिया है। सभी शोक संतप्त परिवारों को संवेदनाएं। यह प्राकृतिक हादसा नहीं, मानव निर्मित त्रासदी है। गुजरात की भाजपा सरकार इस जघन्य अपराध की सीधे सीधे दोषी है।’

सुरजेवाला ने ट्वीट कर भाजपा सरकार से 5 सवाल पूछे हैं और कहा कि CM भुपेंद्र पटेल व मोरबी विधायक व मंत्री को बताना होगा –

1. जब ये पुल 26 अक्टूबर को ही मरम्मत के बाद खोला गया तो पुल कैसे गिर गया? क्या ये सीधे अपराधिक षड्यंत्र नहीं?

2. भाजपा सरकार ने “फिटनेस सर्टिफिकेट” के बग़ैर पुल को जनता के इस्तेमाल के लिये खोलने की इजाज़त कैसे दी? क्या ये चुनाव आचार संहिता लगने से पहले आनन फ़ानन में कर वोट बटोरने के लिये किया गया?

3. पुल की मुरम्मत का काम कंपनी/ट्रस्ट को कैसे दिया गया? क्या उनका BJP से कनेक्शन है?

4. क्या गुजरात के भाई-बहनों की क़ीमत केवल ₹2 लाख है? क्या एक IAS भाजपा सरकार में रसूकदार पदों पर बैठे लोगों की आपराधिक भूमिका की जाँच कर सकता है?

5. CM, भुपेंद्र पटेल व स्थानीय मंत्री स्वयं हादसे की जिम्मेवारी कब लेंगे? गुजरात आपको कभी माफ़ नहीं करेगा।

गुजरात सरकार ने हादसे की ली जिम्मेदारी!

गुजरात सरकार के मंत्री बृजेश मेरजा ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि हम इस हादसे की जिम्मेदारी लेते हैं. इस पुल की पिछले ही सप्ताह मरम्मत की गई थी. हम हैरान हैं कि ये हादसा कैसे हो गया. फिलहाल इस घटना की जांच की जा रही है।

अहमदाबाद में सोमवार को होने वाला PM मोदी का रोड शो रद्द-

सोमवार को अहमदाबाद में मोदी की ओर से होने वाला रोड शो रद्द कर दिया गया है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी जा सकते हैं।

गुजरात में मंगलवार को होने वाला प्रधानमंत्री का दिवाली मिलन कार्यक्रम रद्द-

1 नवंबर को होने वाला पीएम मोदी का दिवाली मिलन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। गुजरात बीजेपी ने दिवाली मिलन कार्यक्रम रद्द किया है। 1 नवंबर को सभी 182 विधानसभा में दिवाली मिलन समारोह होना था।

हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया-

मोरबी में हुए हादसे पर जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (02822243300) जारी किया है।

2 करोड़ की लागत से हुआ था पुल का रिनोवेशन-

तत्कालीन समय मे साढ़े तीन लाख में बने इस पुल का दो करोड़ रूपये के खर्च से रिनोवेशन हुआ था।

1879 में बना यह केबल पुल अभी हाल ही में रिनोवेशन के बाद चालू किया गया था। यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को इस पुल को आम जनता के लिए खोला गया था।

ऐसी खबर है कि इस पुल की क्षमता करीब 100 लोगों की है, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के चलते इस पर करीब 500 लोग जमा थे। यही हादसे की वजह बना। इतने लोगों के एक साथ इस पुल पर होने की एक बड़ी वजह ये थी कि चूँकि ये पुल लंबे समय बाद खुला है तो बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ पुल पर तस्वीरें और सेल्फी लेने पहुंचे थे।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट कर कहा कि मोरबी में पुल गिरने की त्रासदी से मुझे गहरा दुख हुआ है। राहत और बचाव कार्य जारी है। घायलों के तत्काल उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मैं इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं।

मैं प्रधानमंत्री के साथ आगे के कार्यक्रमों को छोटा करके जल्द गांधीनगर पहुंच रहा हूं। राज्य के गृह मंत्री को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्यों का मार्गदर्शन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ समेत जवानों को बचाव कार्य में लगाया गया है। हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मृतकों के परिवार के लिए 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 रुपये देने का ऐलान किया।

पीएमओ ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी में हुए हादसे को लेकर गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने की मांग की है। उन्होंने स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है।

पीएमओ ने दूसरा ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। गुजरात के गृह राज्य मंत्री व अन्य अधिकारियों से बात की। स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है, NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुंच रही है। घायलों के तुरंत उपचार के निर्देश दिए हैं।’

इस दुखद घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया और अपनी संवेदनाएं जताईं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे की खबर बेहद दुःखद है। ऐसे मुश्किल समय में मैं सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की हर संभव सहायता करें और लापता लोगों की तलाश में मदद करें।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, गुजरात से बेहद दुःखद खबर मिल रही है। मोरबी में ब्रिज टूट जाने से कई लोगों के नदी में गिर जाने की खबर है। भगवान से उनकी जान और स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मोरबी में केबल पुल गिरने की घटना पर चिंता व्यक्त की।

इस पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 तक के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ समझौता किया हुआ है। कंपनी के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने, स्टाफ के प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

बता दें कि इस केबल पुल का उद्घाटन 20 फरवरी, 1879 को मुंबई के गवर्नर श्री रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का सामान ब्रिटैन से आया था. यह पुल दरबारगढ़ को नजरबाग से जोड़ता था।

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