CII की बजट पोस्ट कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- ‘वो दिन दूर नहीं तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में ‘जर्नी टुवार्ड्स विकसित भारत: ए पोस्ट यूनियन बजट 2024-25 कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। यह सम्मेलन CII द्वारा आयोजित किया जा गया था। सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 8% की गति से बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बदलाव सिर्फ भावनाओं का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “महामारी के दौरान, हम चर्चा करते थे और उन चर्चाओं का केंद्र बिंदु ‘विकास को वापस लाना’ होता था। मैंने तब कहा था कि भारत बहुत जल्द विकास की राह पर दौड़ेगा। आज भारत 8% की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की 5 वीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है और वो दिन दूर नहीं तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।”

उन्होंने कहा, “आज हम ‘विकसित भारत की ओर यात्रा’ पर चर्चा कर रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ भावनाओं का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का है। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही यह तीसरी होगी।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “2013-2014 में जब पिछली सरकार का आखिरी बजट आया था, वो ₹16 लाख करोड़ का था। आज हमारी सरकार में बजट तीन गुना बढ़कर ₹48 लाख करोड़ पहुंच गया है। पहली की सरकार के 10 साल की तुलना में हमारी सरकार ने रेलवे का बजट 8 गुना बढ़ाया है, हाइवे का बजट 8 गुना, कृषि का बजट 4 गुना से अधिक बढ़ाया है रक्षा का बजट 2 गुना बढ़ाया है।”

उन्होंने कहा, “2004 में UPA सरकार की शुरूआत हुई और UPA सरकार के पहले बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 90 हजार करोड़ रुपए था। 10 साल सरकार चलाने के बाद यानी 2014 में UPA सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 2 लाख करोड़ रुपये पहुंचा पाई थी। आज कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 11 लाख करोड़ रुपये ये भी ज्यादा है।”

पीएम ने कहा, ‘ आज जब सारे देश कम वृद्धि और उच्च मुद्रास्फीति से जूझ रहे हैं, तो ऐसी परिस्थिति में उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति वाला भारत इकलौता देश है। भारत ने ये विकास तब हासिल करके दिखाई है, जब पिछले 10 साल में अ​र्थव्यवस्था को झटका देने वाले अनेक संकट आए। हमने हर संकट का मुकाबला किया, हर चुनौती का समाधान किया। अगर ये संकट न आते तो आज भारत जहां पहुंचा है, उससे अधिक ऊंचाई पर होता।

प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 में 1 करोड़ रुपये कमाने वाली MSME को अनुमानित कर देना होता है और अब 3 करोड़ लाभ वाली MSME भी इसका लाभ उठा सकती हैं। 2014 में, 50 करोड़ कमाने वाली MSME को 30 प्रतिशत कर देना होता था, आज ये रेट 22 प्रतिशत है। 2014 में कंपनियां 30 प्रतिशत निगम कर देती थीं, आज 400 करोड़ रुपये तक की आय वाली कंपनियों के लिए ये रेट 25 प्रतिशत है।”

सत्र में पीएम मोदी ने रेल बजट के बारे में भी बात की और कहा कि पिछली सरकार के 10 वर्षों की तुलना में इसमें आठ गुना वृद्धि की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने पिछली सरकार के 10 वर्षों की तुलना में रेलवे बजट को आठ गुना, राजमार्ग बजट को आठ गुना, कृषि बजट को चार गुना से अधिक और रक्षा बजट को दोगुने से अधिक बढ़ाया है।”

उन्होंने कहा,”अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में, भारत जैसा विकास और स्थिरता एक अपवाद है। भारत उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति वाला एकमात्र देश है। हमारी राजकोषीय समझदारी दुनिया के लिए एक आदर्श है। वैश्विक वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 16 फीसदी है। ऐसा तब हुआ है जब पिछले 10 वर्षों में अर्थव्यवस्था को कई झटके लगे।”

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 22 जुलाई को पेश किये गये केंद्रीय बजट की भी सराहना की।

पीएम ने कहा, “इस बजट में 2 लाख करोड़ रुपये के पीएम पैकेज की घोषणा की गई है। इससे चार करोड़ युवाओं को फायदा होगा। यह पीएम पैकेज समग्र और व्यापक है। यह आपस में जुड़ा हुआ है और एंड-टू-एंड समाधान है।”

सोमवार को पीएमओ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, सत्र का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा किया गया, और इसका उद्देश्य विकास के लिए सरकार के बड़े दृष्टिकोण और इसमें उद्योग की भूमिका को प्रस्तुत करना था।

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