लोकसभा भाषण पर केंद्र ने राहुल गांधी पर किया पलटवार, कांग्रेस नेता को ‘गैरजिम्मेदार’ और ‘झूठा’ बताया

लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर सत्तारूढ़ सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस सांसद पर “गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी” करने का आरोप लगाया।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “विपक्ष का नेता एक बहुत ही जिम्मेदार पद है। राहुल जी ने पहली बार जिम्मेदारी ली है, लेकिन उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया।”

उन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर राहुल गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों में प्रवेश के लिए अग्निपथ योजना को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था।

राहुल गांधी ने कहा था, “अग्निवीर इस्तेमाल करो और फेंको का श्रम है। एक जवान को पेंशन मिल रही है, जबकि दूसरे को नहीं। आप जवानों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं।”

अश्विनी वैष्णव ने इस टिप्पणी के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत शहीदों को मुआवजा नहीं मिलेगा। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अग्निवीर योजना में 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को कई बार उठाया है। एक बार फिर झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की गई है।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी के पहले भाषण पर लोकसभा में तीखी बहस छिड़ गई।

अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”राहुल गांधी ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक और असत्यवादी कहा है। उन्होंने हिंदू समाज का अपमान किया है। राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता पद की गरिमा को गिराया है। राहुल गांधी के इस बयान से पूरा देश दुखी है। इस बयान की जितनी निंदा की जाये उतना कम है।”

उन्होंने कहा, “हिंदुओं को हिंसक कहना, हिंदुओं को झूठा कहना, संसदीय बहस के दौरान भगवान की तस्वीरें दिखाना, इसमें राजनीति जोड़ना, इस स्तर की बहस विपक्ष के नेता को किसी भी तरह से शोभा नहीं देती है।”

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद सदस्यों द्वारा दिए गए असत्यापित बयानों को संबोधित करने हेतु एक निर्देश स्थापित करने के लिए अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है।

रिजिजू ने कहा, “हमने अध्यक्ष से यह निर्देश पारित करने का अनुरोध किया है कि यदि हमने कोई असत्यापित बयान दिया है तो हम सुधारात्मक कदम उठाने के लिए तैयार हैं।”

हालाँकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि विपक्ष के नेता सदन में झूठ बोलते पाए जाते हैं, तो उन्हें संबंधित नियमों और विनियमों का सामना करना होगा।

इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “कोई भी शिव भक्त इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। आप लोगों की भावना के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। विपक्ष के नेता के तौर पर अगर आपको बात रखनी है तो आप तथ्यों के साथ कीजिए। आपने सिर्फ सदन को भ्रमित करने का काम किया। सिर्फ गलत बयानबाजी करके सदन को भ्रमित किया। मैं गृह मंत्री और स्पीकर का धन्यवाद करूंगा जिन्होंने उनको सत्यापन के लिए बाध्य किया।”

वहीं गांधी के बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उनका बयान बचकाने से उभर नहीं पाया है। हिन्दू भारत का मूल समाज है। भारत की आत्मा है। हिन्दू जाति या सांप्रदाय सूचक शब्द नहीं है। मत और पंथ से अलग भारत की मूल आत्मा है। राहुल गांधी के इस बयान ने हिन्दुओं पर टिप्पणी की हैं वो सत्य से परे, भारत की मूल आत्मा को लहूलुहान करने वाला है। उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। मैं राहुल गांधी के इस वक्तव्य की निंदा करता हूं”

हालांकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राहुल का बचाव करते हुए कहा, “राहुल हिंदुओं का अपमान नहीं कर सकते। उन्होंने(राहुल गांधी) स्पष्ट बोला है, उन्होंने भाजपा के बारे में बोला है, भाजपा के नेताओं के बारे में बोला है।”

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्हें (भाजपा को) क्या हुआ? उन्होंने (राहुल गांधी ने) बताया कि असली हिंदू कौन है। वे(भाजपा) हिंदुओं का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव जीतने के लिए करते हैं। राहुल गांधी का भाषण बहुत स्पष्ट था। लोग भी टीवी की तरफ देख रहे हैं। उन्हें पता है कि राहुल गांधी कैसे बोल रहे हैं।”

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