प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में लोगों को यह आश्वासन दिया है कि, “जब वह अपने चुनावी भाषणों में कहते हैं कि उनके पास देश के लिए बड़ी योजनाएं हैं” तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनका इरादा किसी को डराना या दबाना नहीं है, बल्कि उनकी योजना 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की है।
पीएम मोदी ने कहा, “जब मैं कहता हूं कि मेरी बड़ी योजनाएं हैं तो किसी को डरना नहीं चाहिए। मैं किसी को डराने या चकमा देने के लिए फैसले नहीं लेता। मैं देश के संपूर्ण विकास के लिए फैसले लेता हूं। इसके अतिरिक्त सरकारें हमेशा कहती हैं कि हमने सब कुछ किया है। मैं नहीं मानता कि मैंने सब कुछ कर लिया है। मैंने सब कुछ सही दिशा में करने की कोशिश की है, फिर भी मुझे बहुत कुछ करने की जरूरत है, क्योंकि मैं देख रहा हूं कि मेरे देश की बहुत सारी जरूरतें हैं। मैं हर परिवार के सपनों को कैसे पूरा करूं? इसीलिए मैं कहता हूं कि यह एक ट्रेलर है।”
प्रधानमंत्री ने सरकार की महत्वाकांक्षी “2047 विकसित भारत” परियोजना के लिए अपनी योजना का खुलासा किया और कहा कि इसके लिए काम पिछले दो वर्षों से चल रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले दो वर्षों से 2047 पर काम कर रहा हूं। और इसके लिए, मैंने देश भर के लोगों से राय और सुझाव मांगे। मैंने 15 लाख से अधिक लोगों से सुझाव लिया है कि वे आने वाले 25 में भारत को कैसे देखना चाहते हैं।”
पीएम ने कहा, “मैंने विश्वविद्यालयों से संपर्क किया, मैंने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों से संपर्क किया और 15-20 लाख लोगों ने अपने इनपुट दिए। फिर मैंने एआई की मदद ली और इसे विषय-वार वर्गीकृत किया। मैंने इस पर काम करने के लिए हर विभाग में अधिकारियों की एक समर्पित टीम बनाई। कैसे कर सकते हैं, क्या यह अगले कार्यकाल के लिए किया जाएगा? और फिर मैं उनके साथ बैठा और उन्होंने दो से ढाई घंटे तक प्रस्तुतियां दीं।”
इसके अलावा भी पीएम मोदी ने अलग अलग मुद्दों पर अपनी बात रखी।
विपक्ष के इस आरोप पर कि सभी संस्थाओं पर बीजेपी का कब्ज़ा है पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमने चुनाव आयोग में सुधार किया है। एक कहावत है – नाच न जाने आंगन टेढ़ा। इसलिए कभी ईवीएम का बहाना बनाएंगे। असल में हार के लिए उन्होंने अभी से कुछ तर्क गढ़ने शुरू कर दिए हैं। ”
इलेक्टोरल बॉन्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “लंबे समय से हमारे देश में चर्चा चली है कि चुनावों में काला धन एक बहुत बड़ा खतरनाक खेल हो रहा है। चुनाव में खर्च होता ही होता है। सभी पार्टियां करती हैं, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता। मैं चाहता था कि हम एक कोशिश करें कि काले धन से चुनाव को मुक्ति कैसे मिले। एक छोटा सा रास्ता मिला जिसे संसद में सब ने सराहा था। यदि इलेक्टोरल बॉन्ड नहीं होते तो किस व्यवस्था में ताकत है कि वो ढूंढ के निकालते कि पैसा कहां से आया और कहां गया? ये इलेक्टोरल बॉन्ड्स की सफलता की कहानी है कि इलेक्टोरल बॉन्ड्स थे। मेरी चिंता ये है कि मैं कभी नहीं कहता कि निर्णय लेने में कोई कमी नहीं है। निर्णय लेने में, हम सीखते हैं और सुधार करते हैं। इसमें भी सुधार के लिए बहुत संभवना है। लेकिन आज हमने देश को पूरी तरह से कालेधन की ओर धकेल दिया है इसीलिए मैं कहता हूं कि हर किसी को इसका पछतावा होगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने एलन मस्क के भारतीय बाजार में प्रवेश और रोजगार सृजन पर कहा, “एलन मस्क का मोदी समर्थक होना एक बात है, मूलतः वह भारत के समर्थक हैं। मैं चाहता हूं कि भारत में निवेश आना चाहिए। पैसा किसी का भी लगा हो, पसीना मेरे देश का लगना चाहिए, उसके अंदर सुगंध मेरे देश की मिट्टी की आनी चाहिए, ताकि मेरे देश के नौजवान को रोजगार मिले। ”
राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होनें कहा, “इस मुद्दे का राजनीतिकरण किसने किया? वोट बैंक की राजनीति को मज़बूत करने के लिए इस मुद्दे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया और बार-बार इसे भड़काया गया। जब यह मामला अदालत में चल रहा था तब कोशिश की गई कि फैसला ना आए उनके(विपक्ष) लिए यह एक राजनीतिक हथियार था अब राम मंदिर बन गया तो उनके हाथ से यह मुद्दा ही चला गया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मेरा लक्ष्य अपने अगले कार्यकाल में देश में विकास की गति और पैमाने को बढ़ाना है।”
कांग्रेस के आरोप पर कि ‘400 पार से संविधान रद्द हो जाएगा’ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो व्यक्ति UN में जाकर दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल भाषा का गुणगान करता है,किस आधार पर उस व्यक्ति पर आप ऐसे आरोप कैसे लगा सकते हैं? समस्या उनमें (विपक्ष) है वे देश को एक ही सांचे में ढालना चाहते हैं। हम विविधता की पूजा करते हैं…हम इसका जश्न मनाते हैं।”
तथाकथित ‘उत्तर-दक्षिण विभाजन’ पर प्रधानमंत्री ने कहा, ” भारत को टुकड़ों में देखना भारत के प्रति नासमझी का परिणाम है। अगर आप हिंदुस्तान में देखें प्रभु राम के नाम से जुड़े हुए गांव सबसे ज्यादा कहां है? तो वह तमिलनाडु में है। अब आप इसको कैसे अलग कर सकते हैं। विविधता हमारी ताकत है, हमें इसका जश्न मनाना चाहिए। ”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिपण्णी करते हुए पीएम ने कहा, “दुर्भाग्य से आज हमारे यहां शब्दों के प्रति कोई ज़िम्मेदारी ही नहीं है। मैंने एक नेता को कहते हुए सुना ‘एक झटके में मैं गरीबी हटा दूंगा’। जिनको 5-6 दशक तक देश पर राज करने को मिला और वे आज कहते हैं कि मैं एक झटके में गरीबी हटा दूंगा। उन्हें सुनकर लोग सोचते हैं कि ये क्या बोल रहे हैं। हम ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की महान परंपरा से निकले हैं। नेताओं को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। आज हम जो कहते हैं उस पर लोगों को भरोसा है।”
डीएमके की हालिया ‘सनातन विरोधी’ टिप्पणी और उस पर जनता के आक्रोश पर प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि सनातन के खिलाफ इतना जहर उगलने वाले लोगों के साथ बैठना उनकी क्या मजबूरी है?…कांग्रेस की मानसिकता में ये कौन सी विकृति है। ”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “एक राष्ट्र एक चुनाव हमारी प्रतिबद्धता है। कई लोगों ने समिति को अपने सुझाव दिए हैं। बहुत सकारात्मक और नवोन्मेषी सुझाव आए हैं। अगर हम इस रिपोर्ट को लागू कर पाए तो देश को बहुत फायदा होगा।”
इसके अलावा पीएम मोदी ने यह भी दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में देश के मतदाता “विफल कांग्रेस मॉडल” और भाजपा मॉडल के बीच चयन करेंगे।
