उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से पांच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी का गुरुवार रात कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। बांदा जिला जेल में बंद गैंगस्टर-राजनेता को गुरुवार देर शाम तबीयत बिगड़ने के बाद रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जेल अधिकारियों के अनुसार, शाम को रमज़ान का रोज़ा तोड़ने के बाद 60 वर्षीय अंसारी की तबीयत बिगड़ गई। उनके इलाज के लिए पहले डॉक्टरों को जेल में बुलाया गया था, लेकिन जब डॉक्टरों को संदेह हुआ कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ है तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
उन्हें बेहोशी की हालत में रात 8.25 बजे अस्पताल लाया गया। नौ डॉक्टरों का एक पैनल उनका इलाज कर रहा था, लेकिन कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई।
मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि शाम को लगभग 8:25 बजे मुख्तार अंसारी (63) को जेल कार्मिकों द्वारा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के आकस्मिक विभाग में उल्टी की शिकायत एवं बेहोशी की हालत में लाया गया। मरीज को 9 डॉक्टर्स की टीम द्वारा तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। परंतु भरसक प्रयासों को बावजूद कार्डियक अरेस्ट के कारण मरीज की मृत्यु हो गई।
मुख्तार की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी जिलों में पुलिस का पहरा बढ़ गया है।
अंसारी के निधन के बाद समाजवादी पार्टी ने शोक व्यक्त किया। समाजवादी पार्टी ने एक ट्वीट में कहा, “पूर्व विधायक श्री मुख्तार अंसारी का दुखद निधन। उनकी आत्मा को शांति मिले। शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिले। विनम्र श्रद्धांजलि!”
पेट दर्द की शिकायत के बाद मुख्तार अंसारी को मंगलवार को करीब 14 घंटे तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था। कुछ दिन पहले, उन्होंने बाराबंकी की एक अदालत को बताया था कि उन्हें जेल के अंदर ज़हर मिला हुआ खाना दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि अंसारी को मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) का पता चला था और उसे अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी थी।
इस बीच बिहार के नेता पप्पू यादव ने मुख्तार की मौत को सांस्थानिक हत्या बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “पूर्व विधायक मुख़्तार अंसारी जी की सांस्थानिक हत्या। कानून, संविधान, नैसर्गिक न्याय को दफन कर देने जैसा है।”
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पोस्ट कर लिखा, यूपी से पूर्व विधायक श्री मुख्तार अंसारी के इंतकाल का दुःखद समाचार मिला। परवरदिगार से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। कुछ दिन पूर्व उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें जेल में जहर दिया गया है फिर भी गंभीरता से नहीं लिया गया। प्रथम दृष्टया ये न्यायोचित और मानवीय नहीं लगता. संवैधानिक संस्थाओं को ऐसे विचित्र मामलों व घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।”
मुख्तार अंसारी मऊ सदर सीट से पांच बार पूर्व विधायक थे और 2005 से यूपी और पंजाब में सलाखों के पीछे थे। उनके खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं। उन्हें सितंबर 2022 से आठ मामलों में यूपी की विभिन्न अदालतों द्वारा सजा सुनाई गई थी और वह बांदा जेल में बंद थे।
उनका नाम पिछले साल उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी 66 गैंगस्टरों की सूची में था।
पुलिस ने बांदा और लखनऊ, कानपुर, मऊ, गाजीपुर समेत अन्य इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बलों की गश्त बढ़ाने का भी आदेश दिया गया है।
