राहुल गांधी, ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार को फोन कर जाना हालचाल

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस पार्टी के समर्थन की पुष्टि करते हुए राहुल गांधी ने आज अरविंद केजरीवाल के परिवार से फोन पर बात की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी फोन किया और अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को अपना समर्थन दिया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “डरा हुआ तानाशाह, एक मरा हुआ लोकतंत्र बनाना चाहता है। मीडिया समेत सभी संस्थाओं पर कब्ज़ा, पार्टियों को तोड़ना, कंपनियों से हफ्ता वसूली, मुख्य विपक्षी दल का अकाउंट फ्रीज़ करना भी ‘असुरी शक्ति’ के लिए कम था, तो अब चुने हुए मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी भी आम बात हो गई है। INDIA इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।”

बनर्जी ने पोस्ट कर कहा, “मैं जनता द्वारा चुने गए दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करती हूं। मैंने अपना अटूट समर्थन और एकजुटता बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत रूप से श्रीमती सुनीता केजरीवाल से संपर्क किया है। यह अपमानजनक है कि निर्वाचित विपक्षी मुख्यमंत्रियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है, जबकि सीबीआई/ईडी जांच के तहत आरोपी व्यक्तियों को अपने कदाचार जारी रखने की अनुमति दी जा रही है। खासकर भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद यह लोकतंत्र पर सरासर हमला है।”

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अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को नाटकीय परिस्थितियों में गिरफ्तार कर लिया गया जब प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम शराब नीति मामले के संबंध में उनसे पूछताछ करने और तलाशी लेने के लिए उनके आवास पर पहुंची। फिर उन्हें एजेंसी के मुख्यालय ले जाया गया और एक मेडिकल टीम भी ईडी कार्यालय पहुंची।

यह घटनाक्रम तब हुआ जब दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली शराब नीति मामले में उन्हें जारी किए गए प्रवर्तन निदेशालय के समन के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय से दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्राप्त करने में विफल रहे।

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद, आप कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भी उन्हें अपना समर्थन दिया। इस बीच भाजपा नेताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, “सच्चाई की जीत होनी चाहिए”।

गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने बीजेपी से प्रवर्तन निदेशालय के पीछे राजनीति करना बंद करने को कहा।

उन्होनें कहा, “आज, भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने दो विपक्षी मुख्यमंत्रियों (एक मुख्यमंत्री, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, को जेल में डाल दिया और अब दूसरे- केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है और एक पार्टी के बैंक खाते को फ्रीज भी कर दिया है। क्या बीजेपी इसी तरह चुनाव जीतना चाहती है? मैं बीजेपी से कहना चाहती हूं कि अगर लड़ना है तो आगे आएं और राजनीतिक मैदान में, चुनाव मैदान में लड़ें. राजनीति करना बंद करो, ईडी के पीछे छिपना बंद करो, ईडी को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बंद करो।”

विपक्षी नेताओं ने क्या-क्या कहा?

एनसीपी के नेता शरद पवार ने कहा, “विपक्ष को निशाना बनाने के लिए बदले की भावना से केंद्रीय एजेंसियों के किए जा रहे दुरुपयोग की कड़ी निंदा करता हूं, खासकर जब आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि भाजपा सत्ता के लिए किस हद तक गिर सकती है। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ इस असंवैधानिक कार्रवाई के खिलाफ ‘इंडिया’ एकजुट है।”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “जो खुद हैं शिकस्त के ख़ौफ़ में क़ैद ‘वो’ क्या करेंगे किसी और को क़ैद. भाजपा जानती है कि वो फिर दुबारा सत्ता में नहीं आने वाली, इसी डर से वो चुनाव के समय, विपक्ष के नेताओं को किसी भी तरह से जनता से दूर करना चाहती है, गिरफ़्तारी तो बस बहाना है। ये गिरफ़्तारी एक नई जन-क्रांति को जन्म देगी।”

डीएमके के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, “2024 के चुनाव से पहले एक दशक की विफलताओं और आसन्न हार के डर से, फासीवादी भाजपा सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करके गर्त में डूब गई है। हेमंत सोरेन के बाद अरविंद केजरीवाल को अन्यायपूर्वक निशाना बनाया। एक भी भाजपा नेता को जांच या गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ा, जो सत्ता के दुरुपयोग और लोकतंत्र के पतन को उजागर करता है। भाजपा सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के लगातार उत्पीड़न में एक हताश की बू आ रही है। यह अत्याचार जनता के गुस्से को भड़काने वाला है, जिससे भाजपा का असली रंग उजागर हो रहा है। लेकिन निरर्थक गिरफ्तारियां हमारे संकल्प को मजबूत कर रही हैं। इससे इंडिया गठबंधन की जीत की राह मजबूत होगी। जनता के गुस्से के लिए तैयार रहे बीजेपी!”

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्राइन ने कहा, “हम निर्वाचित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं, खासकर तब जब शक्तियां चुनाव आयोग के पास हैं और आदर्श आचार संहिता लागू है. इससे पहले एक अवैध अध्यादेश के जरिए उनकी प्रशासनिक शक्तियां छीन ली गई थीं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी नेताओं को चुनाव से कुछ हफ्ते पहले गिरफ्तार कर लिया जाता है तो हम भारत में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? यदि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग अब कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो भविष्य में भाजपा की दमनकारी राजनीति के खिलाफ लोगों के साथ कौन खड़ा होगा?”

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा, “एक बार फिर प्रतिशोध के लिए विपक्ष को निशाना बनाने को मोदी सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया। चुनाव से पहले विपक्ष को नष्ट करने की मंशा में मोदी की हताशा की बू आ रही है।”

आरजेडी के नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की गिरफ़्तारी से साफ ज़ाहिर है कि विपक्ष से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की बजाय बीजेपी जांच एजेंसियों एवं अन्य संवैधानिक संस्थानों की आड़ और पुरजोर मदद से चुनाव लड़ना चाहती है। राजनैतिक, लोकतांत्रिक व संवैधानिक नैतिकता एवं मर्यादाओं को NDA सरकार ने तार-तार कर देश पर अघोषित आपातकाल थोप दिया है। हम सभी मजबूती से दिल्ली के लोगों की अति लोकप्रिय सरकार के साथ खड़े हैं। जैसा की हम सब ने पटना व मुंबई से खुलकर ऐलान किया था – हम डरने वाले नहीं बल्कि लड़ कर जीतने वाले लोग हैं।”

बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए सांसद दानिश अली ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की गिरफ्तारी सरकार को भारी पड़ेगी। देश लोकतंत्र का पर्व मना रहा है और सरकार ED के ज़रिए इसके रंग में भंग करने का प्रयास कर रही है लेकिन अब जनता की बारी है। 4 जून के नतीजे बता देंगे कि यह सरकार की बड़ी भूल थी।”

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “उन्हें(भाजपा) लगता है कि इन कदमों से INDIA गठबंधन हिल जाएगा या डिरेल हो जाएगा तो वे गलत सोच रहे हैं।मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। गिरफ्तार करना आपकी नीयत दिखाता है। इन कदमों से स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा को अपनी हार दिख रही है।”

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, “किसी के घर रात में पहुंचकर उसे गिरफ्तार करने का यह कौन सा तरीका है? चाहे कांग्रेस के खाते फ्रीज करने की बात हो, हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने की बात हो, या अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की बात हो, ईडी इसे सिर्फ चुनाव से जोड़ रही है। इसका और कोई लेना देना नहीं है। हम इस कार्रवाई की निंदा करते हैं। आप चुनाव से ठीक पहले एक लोकतांत्रिक पार्टी की हत्या नहीं कर सकते। मैंने अपने जीवन में कई छापे देखे हैं, लेकिन रात में कोई छापा नहीं मारा जाता। ईडी उन्हें जांच के लिए बुला सकती थी।”

उद्धव गुट के नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, “पीएम मोदी सदन में कह रहे हैं मुझे विपक्ष मुक्त भारत चाहिए। कांग्रेस मुक्त भारत चाहिए। पहले हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया और अब अरविंद केजरीवाल को कर लिया है। मतलब ईडी और CBI का इतना दुरुपयोग आज तक 70-75 सालों किसी सरकार ने नहीं किया है।…हम फिर भी लड़ेंगे और जीतेंगे।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “रोज़ जीत का झूठा दंभ भरने वाली अहंकारी भाजपा, विपक्ष को हर तरह से चुनाव के पहले ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं को ठीक चुनाव से पहले निशाना नहीं बनाया जाता। सच यह है की भाजपा आने वाले चुनाव परिणाम से पहले ही डर गयी है और बौखलाहट में विपक्ष के लिए हर तरह की मुश्किलें पैदा कर रही है। वक्त है बदलाव का ! अबकी बार …सत्ता के बाहर !!”

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, “जो भाजपा में नहीं जाएंगे, वो जेल जाएंगे। तानाशाही चरम पर है। सनद रहे, अहंकार ईश्वर का भोजन है। हम सब तानाशाही के विरुद्ध एकजुट हैं।”

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी बेहद आपत्तिजनक है। यह कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया के स्तर पर विपक्षी आवाज को बंद करने के प्रयास का हिस्सा है। यह उन लोगों की कायरता है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया से डरते हैं।”

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, “केजरीवाल इंडिया गुट के दूसरे मौजूदा सीएम हैं। येचुरी ने कहा है कि मोदी और भाजपा मौजूदा चुनावों में लोगों द्वारा नकारे जाने से घबरा गए हैं।”

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