कांग्रेस के लिए राहत की खबर! फ्रीज बैंक अकाउंट वापस से हुए शुरू; IT ट्रिब्यूनल बुधवार को करेगी मामले की सुनवाई

कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि आम चुनाव की तारीखों की घोषणा से कुछ हफ्ते पहले आयकर विभाग ने युवा कांग्रेस सहित पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। हालाँकि, कांग्रेस के दावे के ठीक एक घंटे बाद पार्टी द्वारा दिल्ली में इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) में अपील दायर करने के बाद खातों पर से रोक हटा दी गई। पार्टी के वकील विवेक तन्खा ने कहा, “इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल ने अगली सुनवाई होने तक कांग्रेस पार्टी के खातों को डी-फ़्रीज़ कर दिया है। अंतरिम राहत पर बुधवार को सुनवाई होगी।”

https://x.com/VTankha/status/1758380186410561654?s=20

तन्खा ने कहा कि मैंने अभी दिल्ली में आईटीएटी बेंच के समक्ष कांग्रेस का पक्ष रखा. उन्होनें कहा कि अदालत ने मेरी बात सुनी। हमने कहा कि हमारे पास सबूत हैं और हमें असंगत रूप से दंडित नहीं किया जा सकता। तन्खा ने कहा कि हम पर 115 करोड़ का टैक्स कैसे बनता है, इस पर हम गुण-दोष के आधार पर बहस करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सुनवाई के बाद हमें राहत दी और अब कांग्रेस पार्टी बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर सकती है। अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

इससे पहले कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि पार्टी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। माकन ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि युथ कांग्रेस पार्टी का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया है। माकन ने कहा, “फिलहाल हमारे पास खर्च करने के लिए, बिजली बिल भरने के लिए, अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। सब कुछ प्रभावित होगा, न केवल न्याय यात्रा बल्कि सभी राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।”

उन्होनें कहा, “हमें कल जानकारी मिली कि बैंक हमारे द्वारा जारी किए जा रहे चेक का सम्मान नहीं कर रहे हैं। आगे की जांच करने पर, हमें पता चला कि युथ कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।”

माकन ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के खाते भी जब्त कर लिए गए हैं। पार्टी के खातों पर तालाबंदी हो गई है। हमें पता चला कि युवा कांग्रेस के बैंक खाते फ्रिज कर दिए गए हैं। कांग्रेस पार्टी के खाते भी फ्रिज कर दिए गए हैं। इनकम टैक्स ने यूथ कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी से 210 करोड़ रुपये की रिकवरी मांगी है। हमारे खातों में क्राउडफंडिंग का पैसा फ्रीज कर दिया गया है। माकन ने कहा, चुनाव से ठीक दो हफ्ते पहले, जब विपक्ष के खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र को फ्रीज करने के बराबर है।”

https://x.com/INCIndia/status/1758363358770663536?s=20

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 2018-19 के इनकम टैक्स फाइलिंग को आधार बनाकर करोड़ों रुपए की मांग की जा रही है। ये बड़े शर्म की बात है। लोकतंत्र की हत्या है। लोकसभा चुनाव से पहले हमारे अकाउंट फ्रिज कर दिए गए हैं। माकन ने कहा कि पार्टी को रिटर्न फाइल करने में देर हो गई थी। लेकिन 45 दिन का और टाइम दिया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि खाता ही फ्रीज कर दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ प्रभावित हो गया है।

उन्होनें कहा, “हमें 31 दिसंबर 2019 तक अपने अकाउंट्स जमा करने थे, लेकिन हमें कुछ देर हो गई। इस वजह से हमारे खातों को सील कर दिया गया। 2018-19 चुनाव का वक्त था, जिसमें कांग्रेस के 199 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसमें हमारे MLAs और MPs ने सिर्फ 14 लाख 40 हजार रुपए कैश में जमा किए थे, जो उनका वेतन था। इस वजह से कांग्रेस पर 210 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगी दी गई है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “बैंक खाते तो BJP के फ्रीज होने चाहिए, क्योंकि जो असंवैधानिक कॉर्पोरेट बांड उन्होंने अपने खातों में डाल रखे हैं, सुप्रीम कोर्ट के अनुसार असंवैधानिक हैं। हमारे खातों में कार्यकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन डोनेशन से जुटाया गया पैसा है। इसे इनकम टैक्स और मोदी सरकार कैसे फ्रीज कर सकती है। इस कदम से स्पष्ट है कि अब हमारे देश में लोकतंत्र नहीं रहा। ऐसा लगता है देश में ‘वन पार्टी सिस्टम’ लाने का प्रयास किया जा रहा है।”

राहुल गांधी ने पोस्ट कर कहा, “डरो मत मोदी जी, कांग्रेस धन की ताकत का नहीं, जन की ताकत का नाम है। हम तानाशाही के सामने न कभी झुके हैं, न झुकेंगे। भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता जी जान से लड़ेगा।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “सत्ता के नशे में चूर, मोदी सरकार ने लोक सभा चुनाव के ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस – के Accounts Frozen कर दिए है। ये लोकतंत्र पर गहरा आघात है। भाजपा ने जो असंवैधानिक धन इकट्ठा किया है, उसका इस्तेमाल वे चुनाव में करेंगे, लेकिन हमने क्राउडफंडिंग के जरिए जो पैसा इकट्ठा किया है, उसे सील कर दिया जाएगा। इसीलिए हमने कहा है कि भविष्य में कोई चुनाव नहीं होंगे ! हम न्यायपालिका से अपील करते हैं, कि इस देश में Multi-Party System को बचाएं और भारत के लोकतंत्र को सुरक्षित करें। हम सडकों पर उतरेंगे और इस अन्याय व तानाशाही के ख़िलाफ़ पुरज़ोर तरह से लड़ेंगे।”

माकन के दावों पर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा, “अगर कुछ भी गलत होता है, या अगर उनके खाते में कोई अवैध गतिविधि है, तो वे हमेशा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यदि नहीं, तो उन्हें चिंता करने की ज़रूरत क्यों है? उन्हें उन विशेष एजेंसियों से पूछना होगा जो नियमित रूप से उनके बैंक खातों की देखभाल कर रही हैं।”

यह घटनाक्रम लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले हुआ है। इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुमनाम राजनीतिक फंडिंग की केंद्र की चुनावी बांड योजना को “असंवैधानिक” बताते हुए रद्द कर दिया था। अदालत ने 13 मार्च तक बांड के दाताओं, राशि और प्राप्तकर्ताओं का खुलासा करने का भी आदेश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *