‘भगवान राम ‘मांसाहारी’ थे: शरद पवार की पार्टी के नेता की टिप्पणी से छिड़ा विवाद

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने बुधवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि भगवान राम ‘मांसाहारी’ थे। एनसीपी नेता के भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिस पर विभिन्न हलकों से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। आव्हाड की टिप्पणी पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और पार्टी ने भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई।

आव्हाड ने कहा, “राम हमारे हैं, बहुजन के हैं। राम शिकार करके खाते थे। आप क्या चाहते हैं कि हम शाकाहारी बन जाएं पर हम राम को अपना आदर्श मानते हैं और मटन खाते हैं। यह राम का आदर्श है। 14 साल तक जंगल में रहने वाला व्यक्ति शाकाहारी भोजन की तलाश में कहां जाएगा? ये सही या गलत? मैं हमेशा सही कहता हूं।’

जितेंद्र आव्हाड ने यह भी सवाल उठाया कि भगवान राम, एक क्षत्रिय, क्या खाते थे, जिसका अर्थ यह था कि क्षत्रिय पारंपरिक रूप से मांसाहारी थे।

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आव्हाड ने आगे कहा कि भारत को शाकाहारी राष्ट्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश की 80 फीसदी आबादी आज भी मांसाहारी है और वे भगवान राम के भक्त भी हैं।

एनसीपी नेता ने कहा, “इस बात पर क्या विवाद है कि भगवान राम ने क्या खाया? कोई दावा करेगा कि भगवान राम मेथी-भाजी खाते थे। भगवान राम क्षत्रिय थे और क्षत्रिय मांसाहारी हैं। मैंने जो कहा, मैं उस पर पूरी तरह कायम हूं। 80% भारत की अधिकांश आबादी मांसाहारी है, वे भगवान राम के भक्त भी हैं।”

आव्हाड ने कहा, “एक व्यक्ति 14 साल से जंगल में रह रहा है, वह शाकाहारी भोजन की तलाश में कहां जाएगा? सही या गलत? मैं हमेशा सही कहता हूं।”

आव्हाड की टिप्पणी की निंदा करते हुए, भाजपा विधायक राम कदम ने एक्स पर लिखा, “अगर बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो शिवसेना के सामना अखबार ने ‘राम मांसाहारी’ टिप्पणी की आलोचना की होती। लेकिन आज की वास्तविकता यह है कि उन्हें (उद्धव सेना) कोई परवाह नहीं है। हिंदुओं का मजाक उड़ाते हैं। वे उदासीन हैं, बर्फ की तरह ठंडे हैं। लेकिन जब चुनाव आएगा तो वे हिंदुत्व के बारे में बात करेंगे।”

उन्होंने कहा, “राजनीति के लिए ये टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं।”

भाजपा नेता राम कदम ने जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए शिकायत भी दर्ज कराई। उन्होनें कहा, कहा, “पुलिस ने हमें आश्वस्त किया है कि वीडियो फुटेज की जांच करके उनके(जितेंद्र आव्हाड) खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये प्रभु राम चंद्र जी के दिए गए आदर्शों पर चलने वाली सरकार है। महाराष्ट्र की भूमि पर हम किसी को भी देवी-देवताओं का अपमान नहीं करने देंगे।”

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आव्हाड ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे असली कारण जातिवाद था क्योंकि वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से थे और लोग यह सहन नहीं कर सकते थे कि वह इतने बड़े नेता बन गए हैं।

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