चुनाव आयोग द्वारा घोषित संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, राजस्थान विधानसभा चुनाव 23 नवंबर के बजाय 25 नवंबर को होंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि मतदान की तारीख में बदलाव विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के अभ्यावेदन और विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों में उस दिन बड़े पैमाने पर शादी/सामाजिक जुड़ाव पर विचार करने के बाद उठाए गए मुद्दों के बाद किया गया है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को असुविधा हो सकती है, विभिन्न लॉजिस्टिक मुद्दे हो सकते हैं। और इससे मतदान के दौरान मतदाताओं की भागीदारी भी कम हो सकती है।
https://x.com/ANI/status/1712062786317271330?s=20
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, “23 नवंबर को राजस्थान में बड़े पैमाने पर विवाह समारोह होने जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को असुविधा होगी। वाहनों को कमी सामने आएगी और ऐसे में वोटिंग पर भी असर पड़ सकता है। मतदान के दौरान मतदाताओं की भागीदारी कम हो सकती है।”
https://x.com/ANI/status/1712063302044667929?s=20
आयोग ने इन्हीं बातों पर विचार किया और मतदान की तारीख में बदलाव करते हुए उसे 23 नवंबर की जगह 25 नवंबर कर दिया है।
वर्तमान में राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में है।
राजस्थान के चुनावी रण में मुख्य रूप में कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला है। इन दोनों प्रमुख दलों के अलावा बसपा, आरएलपी, सपा, बीटीपी, लेफ्ट और आरएलडी जैसी तमाम क्षेत्रीय पार्टियां भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और ओवैसी की एआईएमआईएम भी मैदान में है। राज्य में साढ़े तीन दशक से सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड रहा है. यानि हर पांच साल पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सत्ता बदलती रही है। मौजूदा समय में अशोक गहलोत के अगुवाई में कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में बीजेपी को अपनी वापसी की पूरी उम्मीदें दिख रही है।
राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी सत्ता की जंग लड़ रही हैं तो बसपा और हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी किंगमेकर बनने की जुगत में है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां पूरे दमखम के साथ चुनाव की रण में जुटी हुई हैं।
राजस्थान विधानसभा का कार्यकाल 14 जनवरी 2024 को खत्म हो रहा है। ऐसे में 14 जनवरी से पहले नई सरकार का गठन होना है।
2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव-
बता दें कि राजस्थान में पिछली बार विधानसभा चुनाव 7 दिसंबर 2018 को एक ही चरण में हुए थे। कांग्रेस 100 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और बहुमत से सिर्फ एक सीट कम रह गई। भाजपा ने 73 सीटें जीतीं, जो 2013 के चुनाव परिणाम से काफी कम रही। 2013 के चुनावों में उन्होंने 163 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया था। बाद में कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी और अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि सचिन पायलट उनके उप मुख्यमंत्री बने थे।
