मणिपुर की घटना पर पीएम मोदी बोले, ‘कभी माफ नहीं किया जा सकता, गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा’; विपक्ष हमलावर

बुधवार को सामने आए दो महीने पुराने वीडियो पर देशव्यापी सदमे और आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मणिपुर में महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना ने 140 करोड़ भारतीयों को शर्मसार किया है और इसे ‘कभी माफ नहीं किया जा सकता’। दो महीने पहले राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से मणिपुर पर अपनी पहली टिप्पणी में प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि कानून अपनी पूरी ताकत से काम करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

संसद के मानसून सत्र से पहले अपने पारंपरिक संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “मेरा दिल दर्द और गुस्से से भरा है। मणिपुर में जो घटना सामने आई है वह किसी भी नागरिक समाज के लिए शर्मनाक है।” उन्होंने कहा कि मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।

प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने का भी आग्रह किया।

इस बीच केंद्र सरकार ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को एक आदेश जारी कर इंटरनेट पर सामने आए दो महिलाओं को नग्न घुमाने का वीडियो साझा नहीं करने का निर्देश दिया है। सरकार ने अपने निर्देशों में कहा कि भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है और मामले की जांच चल रही है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है, आरोपी की पहचान हेरादास (32) के रूप में हुई है, जिसे वायरल हुए वीडियो की मदद से थौबल जिले से गिरफ्तार किया गया, जिसमें वह हरे रंग की शर्ट पहने हुए देखा गया था।

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने ट्वीट किया, “वीडियो सामने आने के तुरंत बाद घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए, मणिपुर पुलिस कार्रवाई में जुट गई और आज सुबह पहली गिरफ्तारी की। फिलहाल गहन जांच चल रही है और हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें मृत्युदंड की संभावना पर भी विचार किया जाए।”

वीडियो को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से भी बात की। अमित शाह ने एन बीरेन सिंह से घटना में शामिल सभी लोगों को पकड़ने के लिए संभावित कदम उठाने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने को कहा है।

वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। गांधी ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। जब मणिपुर में भारत के विचार पर हमला किया जा रहा है तो भारत चुप नहीं रहेगा।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया- “मणिपुर में बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा भड़के 78 दिन हो गए हैं। उस भयावह घटना के 77 दिन हो गए हैं जहां दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया और कथित तौर पर बलात्कार किया गया। शेष भारत को इस बात का जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि मणिपुर में जारी इंटरनेट प्रतिबंध के कारण इतनी भयानक घटना घटी। लेकिन यह बिल्कुल अक्षम्य है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री ने मणिपुर के सीएम से बात करने या बयान जारी करने के लिए 76 दिनों तक इंतजार किया। क्या केंद्र सरकार, गृह मंत्री या प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी? मोदी सरकार सब कुछ ठीक है जैसी बातें करना कब बंद करेगी? कब बदला जाएगा मणिपुर का सीएम? ऐसी और कितनी घटनाओं को दबाया गया है?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर कहा- ” मणिपुर में मानवता मर गयी है। मोदी सरकार और भाजपा ने राज्य के नाजुक सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करके लोकतंत्र और कानून के शासन को भीड़तंत्र में बदल दिया है। नरेंद्र मोदी जी, भारत आपकी चुप्पी को कभी माफ नहीं करेगा. यदि आपकी सरकार में ज़रा भी विवेक या शर्म बची है, तो आपको संसद में मणिपुर के बारे में बोलना चाहिए और केंद्र और राज्य दोनों में अपनी दोहरी अक्षमता के लिए दूसरों को दोष दिए बिना, देश को बताना चाहिए कि क्या हुआ। आपने अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी छोड़ दी है। संकट की इस घड़ी में हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं।”

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- “आज संसद सत्र शुरू होने से पहले PM मोदी ने 8 मिनट 25 सेकंड का संबोधन दिया। इस संबोधन में PM मोदी, मणिपुर पर केवल 36 सेकंड बोले, फिर राजस्थान-छत्तीसगढ़ पर राजनीति करने लगे। मोदी जी, आपको माफी मांगनी चाहिए और दुर्भाग्य है कि आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा- “मणिपुर में हुई घटना का वीडियो देखकर पूरा देश शर्मसार है। खुद को विश्वगुरु बताने वाला व्यक्ति मणिपुर पर तब सिर्फ 36 सेकंड बोला, जब SC ने स्वयं संज्ञान लिया। प्रधानमंत्री जी, माफ कीजिए लेकिन आपका दिल देश के लिए नहीं धड़कता है।”

मणिपुर की स्थिति को लेकर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग की।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, ”हमें शर्म से सिर झुका लेना चाहिए कि हमारे देश में ऐसा हो रहा है? आज सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पीएम ने बयान दिया। गृह मंत्री चुप क्यों हैं? ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ का क्या हुआ? क्या आप ऐसे बचाएंगे बेटियों को?

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “वीडियो पर प्रतिक्रिया देने के लिए पीएम को मजबूर होना पड़ा क्योंकि यह अब वायरल हो गया है…वहां नरसंहार हो रहा है…न्याय तभी होगा जब सीएम को हटाया जाएगा और पीएम सीबीआई जांच के आदेश देंगे।”

सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात ने कहा, “घटना 4 मई की है। अब तक मणिपुर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीएम मोदी कह रहे हैं कि पूरे देश को इस घटना की निंदा करनी चाहिए लेकिन जवाबदेह कौन होगा? पीएम और केंद्र सरकार को शर्म आनी चाहिए। पूरा देश मणिपुर सरकार, केंद्र सरकार और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराएगा।

NCP प्रमुख शरद पवार ने ट्वीट किया, “…मणिपुर से परेशान करने वाले दृश्य, विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, जो घृणित है, को देखकर व्यथित हूं। यह एकजुट होने, अपनी आवाज उठाने और मणिपुर के लोगों के लिए न्याय की मांग करने का समय है। गृह विभाग और PMO को मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है।”

विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुर्भाग्य से, विपक्षी दल इसे राजनीतिक रूप से देखते हैं। हमने सदन में कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन वे (विपक्ष) इससे भागना चाहते हैं…यह ऐसा इसलिए है क्योंकि विपक्ष शासित राज्यों में कुछ मामले हैं। राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं… मैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछता हूं – क्या आपको सिर्फ एक राज्य में महिलाएं दिखती हैं?… क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी और विपक्ष राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर मूक दर्शक बने हुए हैं?…आप महिलाओं के बीच अंतर क्यों करते हैं?…आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? क्या आप महिलाओं को एक राजनीतिक उपकरण मानते हैं और इसे जारी रखना चाहते हैं? ..सोनिया गांधी और राहुल गांधी, आपको राजस्थान पर जवाब देना होगा।”

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मणिपुर घटना की निंदा की। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मणिपुर के डीजीपी को तुरंत उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने कहा, “ये बिल्कुल चौंकाने वाला है। NCW ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। एक मानवीय समाज के रूप में हमारा सिर शर्म से झुक जाना चाहिए। हम सभी को राजनीतिक दोष को एक तरफ रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। हमें महिलाओं के खिलाफ अपराध से सामूहिक रूप से लड़ने की जरूरत है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि घटना के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शाम तक और भी दोषियों की गिरफ्तारी की संभावना है. हमने ट्विटर को भी अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो के प्रसार की अनुमति देने के खिलाफ नोटिस दिया है। यह वास्तव में चौंकाने वाला है और एनसीडब्ल्यू ने घटना का संज्ञान लिया है। राजस्थान और मणिपुर से ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं. मैं प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हूं और आरोपियों को सजा दी जाएगी।

मालूम हो कि मणिपुर में पिछले दो महीने से अधिक समय से जातीय हिंसा हो रही है और हिंसा में 120 से अधिक लोग मारे गए हैं। कांग्रेस मणिपुर की स्थिति पर संसद में चर्चा की मांग कर रही है जहां 3 मई से जारी हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है।

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