मुम्बई नगर निगम (बीएमसी) ने एक शिवसेना (यूबीटी) शाखा को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। ध्वस्त इकाई बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर इलाके में स्थित है। शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता विध्वंस का विरोध करने के लिए एकत्र हुए थे लेकिन बड़ी जेसीबी मशीनों ने पूरी संरचना को मलबे में तब्दील कर दिया। यह शाखा शिवसेना के ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे के मातोश्री निवास से कुछ ही दूरी पर है।
शिवसेना के पदाधिकारियों ने दावा किया कि विध्वंस से पहले कोई पूर्व नोटिस जारी नहीं किया गया था। प्रदर्शनकारियों में से एक ने हाल ही में आसपास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पार्टी कार्यालयों में से एक के उद्घाटन के बारे में सवाल उठाया था।
उद्धव गुट की तरफ से यह आरोप लगाया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे उद्धव गुट पर साजिश के तहत अन्याय कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे के गुट के नेता सचिन अहीर ने कहा कि यह कार्रवाई बिना की पूर्व नोटिस के की जा रही है। बीएमसी के मुताबिक यह शिवसेना शाखा अनधिकृत थी। इसलिए इसपर कार्रवाई की गयी है।
शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि शिंदे गुट बदले की भावना से काम कर रहा है।
एक प्रदर्शनकारी ने पूछा, “कार्यालय एक नाले के पास स्थित है। इसका उद्घाटन हाल ही में एकनाथ शिंदे की पार्टी ने मंत्री उदय सामंत की मौजूदगी में किया था। क्या वे उसे भी ध्वस्त कर देंगे?”
इसके अलावा, यह कहते हुए कि सभी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया जाना चाहिए, उन्होंने महाराष्ट्र में विपक्षी दल को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने पर सवाल उठाया।
शिव सेना यूबीटी पदाधिकारी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वे दबाव के आगे नहीं झुकेंगे, कहा- “हम इस कार्यालय से महाराष्ट्र के लोगों के लिए काम कर रहे थे, और हम ऐसा करना जारी रखेंगे।”
BMC का ये कदम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में फंड अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ 1 जुलाई को एक बड़ा मार्च निकालेगी।
