लखनऊ की एक अदालत में बुधवार को खूंखार गैंगस्टर संजीव जीवा की एक शख्स ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना कोर्ट हाउस के अंदर हुई, जहां हमलावर ने फायरिंग कर दी, जिसमें संजीव जीवा की मौत हो गई और एक बच्ची भी घायल हो गई। मुख्तार अंसारी का करीबी संजीव जीवा बीजेपी नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के मामले में आरोपी था। उसे सुनवाई के लिए लखनऊ कोर्ट लाया गया था। जीवा पर कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे। संजीव जीवा फिलहाल जेल में बंद था।
स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि जैसे संजीव जीवा ने 3:50-3:55 बजे के बीच कोर्ट में प्रवेश करने का प्रयास किया वैसे ही वकील के वेश में एक व्यक्ति ने उस पर फायरिंग की। उस फायरिंग के दौरान संजीव जीवा घायल हुआ, 2 पुलिस कांस्टेबल,एक महिला और उसके साथ आई उसकी 1.5 वर्षीय बच्ची घायल हो गई। संजीव जीवा का उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस कांस्टेबल,महिला और उसकी बच्ची सब की हालत स्थिर हैं। फायरिंग करने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हमलावर कथित तौर पर वकील के भेष में आया था। इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गया और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। ADG लखनऊ, पीयूष मोर्दिया ने बताया कि घायल की स्थिति स्थिर है, इलाज जारी है। पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। दोनों सिपाही और बच्ची भी ठीक हैं। इलाज के बाद पूछताछ की जाएगी।
इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की गई है जिसमें एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल, ज्वाइंट सीपी नीलाब्जा चौधरी और अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार शामिल हैं।
वहीं इस घटना पर जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, इस विषय पर अगर समाजवादी पार्टी कुछ कह देगी तो आप कहेंगे कि समाजवादी पार्टी ने मरवा दिया।
एक कंपाउंडर के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाले संजीव जीवा ने आखिरकार खुद को अंडरवर्ल्ड में डूबा हुआ पाया। उसे मुन्ना बजरंगी का करीबी सहयोगी भी कहा जाता था, जो 2018 में बागपत जेल में सजा काट रहा था।
संजीव जीवा पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। उसका कनेक्शन मुख्तार अंसारी के साथ है। वह मुख्तार का शूटर रहा है। इसका नाम चर्चित कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी सामने आया था।
जीवा पर साल 2017 में कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड में भी आरोप लगे थे, इसमें जांच के बाद अदालत ने जीवा समेत 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि जीवा फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था, लेकिन साल 2021 में जीवा की पत्नी पायल ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर कहा था कि उनकी (जीवा) जान को खतरा है। बता दें कि, पायल 2017 में आरएलडी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं और उन्हें हार मिली थी।
