कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की जीत बताया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में आम आदमी और गरीब लोगों की ताकत ने क्रोनी कैपिटलिज्म की ताकत को हरा दिया है।
गांधी ने राज्य में इस जोरदार जीत के लिए कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान किसी तरह की विभाजनकारी रणनीति या नफरत का इस्तेमाल नहीं किया।
राहुल ने दिल्ली में पार्टी दफ्तर पर रिपोटर्स से कहा- “मैं कर्नाटक की जनता, कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पार्टी के सब नेताओं को बधाई देता हूं। कर्नाटक के चुनाव में एक तरफ क्रोनी कैपिटलिस्ट की ताकत थी, दूसरी तरफ जनता की ताकत थी और जनता ने इन्हें हरा दिया। हमने प्यार और मोहब्बत से यह लड़ाई लड़ी। कर्नाटक की जनता ने हमें बताया, इस देश को मोहब्बत अच्छी लगती है। कर्नाटक में नफरत का बाजार बंद हुआ और मोहब्बत की दुकान खुली है। यह कर्नाटक की जीत है। हमारे पांच वादे हैं, हम इसे पहली कैबिनेट में पूरा करेंगे।”
राहुल ने कहा, ‘नफरत के बाजार बंद हो गए हैं और कर्नाटक में प्यार की दुकानें खुल गई हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने कर्नाटक चुनाव प्यार से लड़ा, नफरत से नहीं।’ गांधी ने कहा, “यह सभी राज्यों में होगा।” मालूम हो कि चार राज्यों- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने हैं।
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि, मैं कर्नाटक की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को दिल से धन्यवाद देती हूं। कर्नाटक की जनता ने दिखा दिया है कि उन्हें एक ऐसी राजनीति चाहिए, जहां उनके मुद्दों पर बात हो। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के लोगों ने साबित कर दिया है कि ध्यान भटकाने की राजनीति अब काम नहीं करेगी।
बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस ने एक आरामदायक बहुमत हासिल किया है। सत्ता विरोधी लहर से प्रभावित इस जीत ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया है। कांग्रेस को 136 सीटों पर जीत मिली है। राज्य में 34 साल पुरानी सत्ता विरोधी लहर को तोड़ने की उम्मीद वाली भाजपा 65 सीटें जीतने में कामयाब रही। तो वहीं जद (एस) को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है।
