बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को मुंबई में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और NCP प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ गुट को मजबूत करने के लिए विपक्षी नेताओं से मिल रहे हैं।
NCP प्रमुख शरद पवार ने नीतीश के साथ बैठक के बाद कहा कि आज हमारी अच्छी मुलाकात हुई है। देश का आज जो माहौल है वो सब देखने के बाद देश की प्रजातंत्र को बचाने के लिए हमें मिलकर काम करने की आवश्यकता है और हम इसका समर्थन करते हैं।
पवार के साथ मुलाकात के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बीजेपी जो कर रही है वो देश के हित में नहीं है इसलिए हम चाहते हैं कि सभी विपक्षी दल एक साथ हो इसके लिए हमने आज बातचीत की और सभी दलों से भी बातचीत हुई है, सबकी सहमति हो रही है। हम सब एक साथ बैठकर निर्णय लेंगे। आज बहुत अच्छी चर्चा हुई और अब देश के हित में सब कुछ होने जा रहा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार विपक्षी गठबंधन का मुख्य चेहरा होंगे? बिहार के सीएम नीतीश कुमार कहते हैं, “इससे ज्यादा सुखद कुछ नहीं होगा … मैंने उनसे कहा है कि उन्हें न केवल अपनी पार्टी बल्कि संपूर्ण देश के लिए भी मजबूती से काम करना है।”
इस पर शरद पवार बोले, ‘मिलकर काम करना होगा, चेहरे पर फैसला बाद में होगा’
नीतीश के साथ बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि, इस देश में प्रजातंत्र की रक्षा करना हमारा काम है। मैं मेरे लिए नहीं लड़ रहा, मेरी लड़ाई जनता के लिए, देश के लिए है। राजनीति में मतभेद होते रहते हैं लेकिन हमारा एक मत यह है कि इस देश को बचाना है।’
ठाकरे ने कहा- हम चाहते हैं कि पूरे देश में अधिक से अधिका पार्टियां एकजुट हों, मिलकर हम सब लड़ेंगे। आज जो केंद्र में है वे देश के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं इसलिए देश के हित में हम सब मिलकर लड़ेंगे। अब यह तय होगा कि कब सबकी मीटिंग होगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार मेरे लिए शुभ शगुन लेकर आए हैं।
वहीं उद्धव ठाकरे के साथ बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने कहा कि, “जो लोग केंद्र में हैं वे देश के लिए काम नहीं कर रहे हैं … देश के सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।”
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। ठाकरे ने कहा, अगर मैंने इस्तीफा नहीं दिया होता तो मैं मुख्यमंत्री होता।
बिहार के सीएम ने पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ लिया था। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हराने की कसम खाई है और इसी क्रम में उन्होंने अपने विपक्षी एकता अभियान के तहत कई स्थानों का दौरा किया है और विभिन्न राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की है। हाल ही में, उन्होंने ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई राजनीतिक दल के नेताओं के साथ बातचीत की। कुमार और उनके डिप्टी तेजस्वी यादव ने अप्रैल में राहुल गांधी की मौजूदगी में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी और भाजपा के खिलाफ एकजुट मोर्चे के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाने का संकल्प लिया था। जद (यू) नेता ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी सहित अन्य के साथ भी बैठक की।
