जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच हाथापाई के कुछ घंटों बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत की बेटियों पर अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए भाजपा पर तीखा हमला किया। गांधी ने ट्विटर पर कहा, “देश के खिलाड़ियों के साथ इस तरह का व्यवहार बहुत शर्मनाक है। ‘बेटी बचाओ’ सिर्फ एक ढोंग है! वास्तव में भाजपा भारत की बेटियों पर अत्याचार करने से कभी पीछे नहीं हटी।”
कांग्रेस नेता और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने कहा, “अपनी मेहनत और लगन से देश और अपने परिवार का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों के आंसू देखकर बहुत दुख होता है। उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पहलवानों और पुलिस के बीच हाथापाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- “देश के चैंपियन खिलाड़ियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार? यह बहुत ही दुखद और शर्मनाक है। अहंकार ने भाजपा के दिमाग पर कुठाराघात कर दिया है। ये लोग पूरे सिस्टम को गुंडागर्दी से चलाना चाहते हैं। उन्होंने पूरे सिस्टम का मजाक बना दिया है।” उन्होंने लोगों से भाजपा को सत्ता से बाहर करने की अपील की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी महिला पहलवानों के समर्थन में सामने आईं और कहा, “मैं एक इंसान के रूप में निश्चित रूप से हमारे पहलवानों के साथ खड़ी हूं।”
बनर्जी ने कहा कि “इस तरह से हमारी बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाना बेहद शर्मनाक है। भारत अपनी बेटियों के साथ खड़ा है और मैं एक इंसान के रूप में निश्चित रूप से हमारे पहलवानों के साथ खड़ी हूं। कानून सभी के लिए एक है।”
उन्होंने कहा- “आप उन पर हमला कर सकते हैं लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ सकते। लड़ाई सही है और लड़ाई जारी रहेगी। हमारे पहलवानों को चोट पहुंचाने की हिम्मत मत कीजिए, देश उनके आंसू देख रहा है और देश आपको माफ नहीं करेगा। पहलवानों को मजबूत रहने के लिए, मैं अपनी पूरी ताकत उनके साथ साझा करती हूं।”
इस बीच पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि अब तक सभी पीड़िताओं के बयान क्यों दर्ज नहीं किए गए? इतना ही नहीं कोर्ट ने पूछा कि कब इनके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए जाएंगे? इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस याचिका का उद्देश्य बृजभूषण शरण के खिलाफ FIR दर्ज कराना था। अब एफआईआर दर्ज हो गई है। ऐसे में हम याचिका बंद कर रहे हैं। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, याचिकाकर्ताओं न्यायिक मजिस्ट्रेट या हाईकोर्ट के पास और राहत के लिए जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
प्रदर्शनकारी पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई हाथापाई के बाद दिल्ली-सिंघु बॉर्डर पर भारी सुरक्षाबल तैनात कर दिया गया है। वहां से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच भी की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा, “प्रदर्शनकारी पहलवानों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया गया, 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।” कथित हाथापाई के बाद बजरंग पूनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चिट्ठी लिखी है। उन्होंने इस चिट्ठी में अमित शाह से जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी खिलाड़ियों की मांगों का तत्काल समाधान करने की मांग की है।
