कर्नाटक चुनाव: बागलकोट में अमित शाह बोले- ‘अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वंशवाद की राजनीति चरम पर होगी’

कर्नाटक 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के करीब पहुंच रहा है। राज्य में सभी दल चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्य में प्रचार किया। शाह ने उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र में प्रचार किया। कर्नाटक के बागलकोट में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वंशवादी राजनीति चरम पर होगी और कर्नाटक दंगों से पीड़ित होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि, ‘यह विधानसभा चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने के लिए नहीं बल्कि राज्य के भविष्य को पीएम मोदी के हाथों में सौंपने के लिए है। यह कर्नाटक को एक विकसित राज्य बनाने और यहां राजनीतिक स्थिरता लाने का चुनाव है’। उन्होंने आगे कहा- ‘एक तरफ डबल इंजन की सरकार भाजपा की है तो दूसरी तरफ रिवर्स गियर सरकार है। कांग्रेस की सरकार बनी ना तो कर्नाटक का विकास रिवर्स गियर में पड़ने वाला है। ये पीढ़ी परिवर्तन का चुनाव है और हम मोदी जी के नेतृत्व में एक बार फिर से सरकार बनाएंगे’।

अमित शाह ने कहा- ‘मोदी जी ने 9 साल से कर्नाटक को केंद्र से ढ़ेर सारे पैसे और योजना भेजने का काम किया है। अगर कांग्रेस गलती से भी आ गई तो अभी तक का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण, परिवारवाद होगा और कर्नाटक पूरा दंगे से ग्रस्त हो जाएगा। ये चुनाव कर्नाटक को मोदी जी के हाथ में देने का चुनाव है। कर्नाटक को एक संपूर्ण विकसित राज्य बनाने का चुनाव है। ये चुनाव राजनीतिक स्थिरता और नए कर्नाटक का चुनाव है, जो भाजपा लेकर आ सकती है’।

गृहमंत्री ने कहा की, ‘JD(S) को वोट देने का मतलब अपना वोट कांग्रेस को देना है। अगर आप नहीं चाहते कि आपका वोट कांग्रेस को जाए तो कर्नाटक के समग्र विकास के लिए बीजेपी को वोट दें’।

उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि आप(कांग्रेस) भाजपा से आए हुए नेताओं के आधार पर चुनाव लड़ते हैं यही बताता है कि आपकी पार्टी में दिवालियापन आ गया है।

उन्होंने आरक्षण मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा- ‘यहां धर्म के आधार पर 4% मुस्लिम आरक्षण था। भाजपा की सरकार ने वोट बैंक की लालच में पड़े बिना, इस मुस्लिम आरक्षण को समाप्त कर दिया है। हम मानते हैं कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने के बाद हमने SC, ST, वोकलिंगा और लिंगायत सब के आरक्षण में बढ़ोतरी करने का काम किया है’।

मालूम हो कि कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नाम वापस लेने की प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई, जिसके बाद अब कुल 2,613 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव मैदान में 2,613 उम्मीदवारों में से 2,427 पुरुष, 184 महिलाएं और 2 अन्य उम्मीदवार हैं। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में- 224 भाजपा, 223 कांग्रेस, 207 जेडी (एस), 209 आप, 133 बसपा, 4 CPI(M), 8 जद (यू) और 2 एनपीपी से है, जबकि 685 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) से ताल्लुक रखते हैं और 918 निर्दलीय हैं। राज्य में मतगणना 13 मई को है। राज्य में 5.24 करोड़ मतदाता और 58,282 मतदान केंद्र हैं।

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