प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिविल सेवा दिवस के उपलक्ष्य में लोक सेवकों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत उन देशों में से एक है जहां मोबाइल डेटा सबसे सस्ता है और देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था आज बदल रही है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधान मंत्री पुरस्कार भी प्रदान किए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार 2022 दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर कहा कि, आप सभी को सिविल सेवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इस साल का सिविल सेवा दिवस बहुत अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसा समय है जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि, देश को आजादी के अमृतकाल तक लाने के लिए उन अधिकरियों की बड़ी भूमिका रही जो 15-25 साल पहले इस सेवा में आए हैं और अब आजादी के इस अमृतकाल में उन युवा अधिकारियों की भूमिका सबसे बड़ी है जो अगले 15-25 साल इस सेवा में रहने वाले हैं।
पीएम ने कहा- आपको इस कालखंड में देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। आजादी के अमृतकाल में देश की स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरा करने का दायित्व हम सभी पर है। हमारे पास समय कम है लेकिन सामर्थ्य भरपूर है, हमारे लक्ष्य कठिन हैं लेकिन हौसला कम नहीं है, हमें पहाड़ जैसी ऊंचाई भले ही चढ़नी हैं लेकिन इरादे आसमान से भी ज्यादा ऊंचे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, ‘पिछले 9 वर्षों में अगर भारत के विकास को नई गति मिली है तो ये भी आपकी भागीदारी के बिना संभव नहीं था। पिछले 9 वर्षों में भारत आज जहां पहुंचा है, उसने हमारे देश को बहुत ऊंची छलांग के लिए तैयार कर दिया है। देश में ब्यूरोक्रेसी वही है, अधिकारी-कर्मचारी वही हैं लेकिन परिणाम बदल गए हैं। पिछले 9 वर्षों में भारत अगर विश्व पटल पर एक विशिष्ट भूमिका में आया है तो इसमें आपका सहयोग भी रहा है’।
पीएम ने उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘आज भारत डिजिटल पेमेंट के मामले में नंबर वन है। भारत उन देशों में से एक है जहां मोबाइल डेटा सबसे सस्ता है। आज देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था बहुत बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है 2014 के मुकाबले आज देश में 10 गुना ज्यादा तेजी से रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो रहा है’।
पीएम मोदी ने बताया कि, ‘बीते वर्ष 15 अगस्त को मैंने लाल किले से देश के सामने ‘पंच प्राणों’ का आह्वान किया था। विकसित भारत के निर्माण का विराट लक्ष्य हो, गुलामी की हर सोच से मुक्ति हो, भारत की विरासत पर गर्व की भावना हो, देश की एकता और एकजुटता को निरंतर सशक्त करना हो और अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखना हो… इन पंच प्राणों की प्रेरणा से जो ऊर्जा निकलेगी, वो हमारे देश को वो ऊंचाई देगी, जिसका वो हमेशा से हकदार रहा है’।
उन्होंने पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि, ‘पहले के प्रणाली की देन थी कि देश में 4 करोड़ से अधिक फर्जी गैस कनेक्शन थे, 4 करोड़ फर्जी राशन कार्ड थे, 1 करोड़ काल्पनिक महिलाओं और बच्चों को महिला और बाल विकास मंत्रालय की सहायता जा रही थी, अल्पसंख्यक मंत्रालय करीब 30 लाख फर्जी युवाओं को छात्रवृत्ति का लाभ दे रहा था’।
उन्होंने आगे कहा- आज देश और आप सभी के प्रयासों से सिस्टम बदला है और देश के करीब करीब 3 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं…आप सभी इसके लिए अभिनन्दन के अधिकारी हैं। आज ये पैसे गरीबों के काम आ रहे हैं, उनके जीवन को आसान बना रहे हैं। आज चुनौती ये नहीं है कि आप कितने कुशल हैं, चुनौती ये तय करने में है कि जहां जो कमी है वो कैसे दूर होगी?
पीएम ने कहा कि पहले यह सोच थी कि सरकार सब कुछ करेगी लेकिन अब सोच यह है कि सरकार सबके लिए करेगी। अब सरकार सबके लिए काम करने की भावना के साथ समय और संसाधन का कुशलता उपयोग कर रही है। आज की सरकार का ध्येय है राष्ट्र पहले, नागरिक पहले और आज की सरकार की प्राथमिकता है- वंचितों को वरीयता।
वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभी कुछ ही दिन पहले SSC द्वारा की जा रही नियुक्तियों के लिए अब लिखित परीक्षा 15 भाषाओं में होंगी। 13 क्षेत्रीय और हिंदी एवं अंग्रेजी है। यदि ईज ऑफ गवर्नेंस का अर्थ है ईज ऑफ लिविंग है तो ऐसे नियम जो आम नागरिकों को दुविधा पैदा कर रहे थे या समय बीतने के साथ अपना औचित्य घो बैठे थे उनको समाप्त किया गया।
बता दें कि नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सार्वजनिक विभागों में काम करने वाले प्रशासकों और अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है। 21 अप्रैल की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1947 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सिविल सेवा प्रोबेशनरों को संबोधित किया था और उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचे।
