बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। बैठक के समय जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष ललन सिंह भी मौजूद थे। यह बैठक 2024 के आम चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजधानी में खड़गे के आवास पर हुई। कुमार मंगलवार को दिल्ली पहुंचे है और उनके राष्ट्रीय राजधानी में रहने के दौरान कई विपक्षी नेताओं से मिलने की उम्मीद है। आज की बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि, “विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है”। कांग्रेस नेता ने कहा, “इस वैचारिक लड़ाई में सभी दलों को साथ लेकर चलेंगे। लोकतंत्र और देश पर जो आक्रमण हो रहा है हम उसके खिलाफ एक साथ खड़े होंगे और लड़ेंगे।”
बैठक पर टिप्पणी करते हुए पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “एक ऐतिहासिक बैठक हुई। आगामी चुनावों के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट करेंगे।”
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी यही कहा। उन्होंने कहा, “हम यथासंभव अधिक से अधिक पार्टियों को एकजुट करने और भविष्य में एक साथ काम करने की कोशिश करेंगे।”
इस बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री संजय झा भी मौजूद रहे।
मालूम हो कि आज की बैठक नीतीश कुमार के दिल्ली में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मुलाकात के एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को हुई दोनों नेताओं के बीच बैठक के दौरान यादव और कुमार ने 2024 के संसदीय चुनावों में भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने के प्रयासों के बीच वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की थी।
पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने मंगलवार को कहा था कि वह लालू प्रसाद के साथ फोन पर संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि लालू जी का हाल ही में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था, उनके स्वास्थ्य के बारे में और उनसे शारीरिक रूप से मिलना महत्वपूर्ण था, इसलिए वे उनसे मिले।
बता दें कि कुमार ने अतीत में भी कई मौकों पर कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाने की सलाह दी थी। इस साल फरवरी में कुमार ने जोर देकर कहा था कि यदि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 सीटों से कम हो जाएगी।
