लड़ाकू जेट पर अपनी पहली उड़ान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को असम के तेजपुर वायु सेना स्टेशन से सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान से उड़ान भरी। राष्ट्रपति ने रक्षा बलों के सर्वोच्च कमांडर के रूप में राज्य की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान उड़ान भरी। सुखोई -30 एमकेआई रूस के सुखोई द्वारा विकसित और भारत के एयरोस्पेस दिग्गज हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित एक ट्विन-सीटर मल्टीरोल फाइटर जेट है।
इससे पहले साल 2009 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। सुखोई में उड़ान भरकर प्रतिभा पाटिल ने दो वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।
पहला रिकॉर्ड जो उन्होंने बनाया वो था कि वो सुखोई में उड़ान भरने वाली किसी देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं थी। और दूसरा ये कि वो किसी देश की सबसे उम्रदराज महिला थीं जिन्होंने फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल की उम्र तब 74 साल थी। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। सुखोई 30 MKI उड़ाने के बाद राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सेना की वर्दी पहन कर टी 90 युद्धक टैंक की सवारी भी की थी।
प्रतिभा पाटिल से पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति रहने के दौरान 8 जून 2006 में सुखोई से उड़ान भरी थी। वे ऐसा करने वाले भारत के पहले राष्ट्रपति थे।
निर्मला सीतारमण ने भी 17 जनवरी 2018 में सुखोई 30MKI में उड़ान भरी थी। उस समय वो भारत की रक्षा मंत्री थी। देश के सबसे एडवांस फाइटर जेट सुखोई को उड़ाने वाली वह पहली महिला बन गई थीं।
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 6 अप्रैल को असम पहुंचीं और 7 अप्रैल को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में ‘गज महोत्सव’ का उद्घाटन किया और माउंट कंचनजंगा अभियान-2023 को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने दो दिवसीय ‘गज महोत्सव’ का उद्घाटन करने के बाद गुवाहाटी में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में भी भाग लिया।
