कनाडा में एक बार फिर एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। इस बार ओंटेरियो स्थित BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर में बुधवार को तोड़फोड़ की गई और दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए। इसी तरह की एक घटना घटना 31 जनवरी 2023 को भी हुई थी जब कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर के दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिख दिए गए थे। विंडसर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी किया है जिसमें दो संदिग्धों को हिंदू मंदिर की दीवारों पर स्प्रे पेंटिंग करते हुए दिखाया गया है। विंडसर पुलिस ने कहा है कि वह इस घटना की “घृणा से प्रेरित घटना” के रूप में जांच कर रही है।
घटना के संबंध में मंदिर के प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई और आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की गई है। मंदिर की दीवारों पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे गए हैं और खालिस्तान के समर्थन में भी नारे लिखे हैं।
बदमाशों ने हिंदू मंदिर की बाहरी दीवार पर “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” और “मोदी आतंकवादी घोषित करो (बीबीसी)” स्प्रे-पेंट किया है। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों को बुधवार रात 12 बजे के बाद देखा गया, जिनमें से एक इमारत पर नजर रख रहा था, जबकि दूसरा इमारत में तोड़फोड़ कर रहा था।
विंडसर पुलिस ने संदिग्धों का विवरण जारी किया है और मंदिर के आसपास के निवासियों को साक्ष्य के लिए रात 11 बजे से 1 बजे के बीच अपने घर की निगरानी या डैशकैम वीडियो फुटेज की जांच करने के लिए भी कहा है।
बता दें कि जुलाई 2022 के बाद से ऐसी ये पांचवीं घटना है जहां मंदिरों को निशाना बनाया गया है और दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं। 14 फरवरी को जीटीए स्थित मिसिसॉगा कस्बे में श्री राम मंदिर को निशाना बनाया गया था। यहां स्प्रे पेंट किए गए नारों में भारत विरोधी नारे लिखे गए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। उससे पहले 30 जनवरी को ब्रैम्पटन में गौरी शंकर मंदिर के बाहर भी इसी तरह से किया गया था। रिचमंड हिल के विष्णु मंदिर में स्थित महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को पिछले साल जुलाई में खंडित किया गया था। उसके कुछ ही दिनों बाद बाद सितंबर महीने में टोरंटो में श्री स्वामीनारायण मंदिर के सामने के प्रवेश द्वार पर भी इस तरह की तोड़फोड़ की गई थी।
