राहुल गांधी ने सूरत कोर्ट में दी सजा को चुनौती, सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता

राहुल गांधी की कानूनी टीम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए सूरत सत्र न्यायालय में अपील दायर की। राहुल गांधी द्वारा अदालत के समक्ष दो आवेदन दायर किए गए हैं: पहला- दोषसिद्धि पर स्थगन के लिए आवेदन और दूसरा- सजा के निलंबन की मांग करने वाला आवेदन। अगर सजा पर रोक संबंधी पहली अर्जी मंजूर हो जाती है तो राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल की जा सकती है। सूरत सेशन कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अपील स्वीकार कर लिया है। मानहानि केस में राहुल गांधी को 13 अप्रैल तक जमानत दी गई है। साथ ही राहुल को जो दो साल की सजा सुनाई गई थी उस सजा के खिलाफ याचिका पर 3 मई को अगली सुनवाई होगी।

राहुल गांधी के साथ उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी सूरत पहुंची थी। साथ ही कांग्रेस शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी गुजरात पहुंचे थे।

राहुल के सूरत रवाना होने से पहले कांग्रेस नेता और उनकी बहन प्रियंका गांधी उनसे मिलने पहुंचीं और फिर दोनों साथ ही सूरत के लिए निकले। इससे पहले सोनिया गांधी ने भी राहुल से मुलाकात की।

राहुल के सूरत पहुंचने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने दावा किया है कि गुजरात की बीजेपी सरकार कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सूरत जाने से रोकने के लिए अवैध गिरफ्तारी कर रही है। उन्होंने आगे कहा है कि भाजपा का अलोकतांत्रिक चेहरा बार-बार बनेकाब हो रहा है। हम कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग करते हैं।

सूरत में सड़कों पर पार्टी के झंडों के साथ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के पोस्टर और होर्डिंग देखे गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सूरत जाने से रोकने के लिए ”अवैध गिरफ्तारी” की जा रही है।

इससे पहले सोमवार सुबह बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उसके शक्ति प्रदर्शन की आलोचना की। संबित पात्रा ने कहा है कि आज सूरत में कांग्रेस नाटक करने वाली है। अपील के नाम पर कांग्रेस की हुड़दंग करने की मानसिकता है। राहुल गांधी न्याय प्रणाली पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी ने ओबीसी समाज का अपमान किया है। पात्रा ने कहा कि कोर्ट ने राहुल गांधी को माफी मांगने का मौका दिया था, लेकिन उन्होंने अपने अहंकार के चलते राहुल गांधी ने ओबीसी समाज से माफी नहीं मांगी। आखिर गांधी परिवार को ओबीसी से नफरत क्यों है? उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक ही राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई है।

इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम कोर्ट के निर्णय पर बहस नहीं करेंगे लेकिन अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ेंगे। सरकार अडानी के मामले में JPC का गठन नहीं चाहती। सदन न चलने देने की योजना वह पहले से ही करके आते हैं। यह (गुजरात में) शक्ति प्रदर्शन नहीं है। वह (राहुल गांधी) हमारे नेता है और अपने नेता के साथ खड़े होने के लिए वह (छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री) जा रहे हैं।

आइए जानते हैं कि राहुल गांधी पर मानहानि के कौन कौन से केस चल रहे हैं-

– मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में बीजेपी नेता पूर्णश मोदी ने सूरत के सेशन कोर्ट में केस दर्ज कराया था। इस मामले में 2 साल की सजा सुनाई गई।

महाराष्ट्र में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सावरकर को अंग्रेजों से पेशन लेने वाला नौकर बताने का आरोप भी राहुल पर है। इस मामले में लखनऊ की अदालत में केस दर्ज है।

– ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में KGF2 का गाना यूज करने का आरोप भी लगा। इसमें जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत भी आरोपी हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी कर चुका है।

– मोदी सरनेम को लेकर कर्नाटक में की गई टिप्पणी के खिलाफ झारखंड में केस दर्ज कराया गया था। केस जिला अदालत में है। राहुल ने हाईकोर्ट में केस रद्द करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया।

– महाराष्ट्र के भिवंडी में महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराने का आरोप राहुल पर लगा है। ठाणे की अदालत ने राहुल पर आरोप तय किए थे। मामला फिलहाल कोर्ट में है।

बीते दिनों बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी मोदी सरनेम मामले को लेकर पटना की मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया है। याचिका का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया है।

बता दें कि 23 मार्च 2023 को राहुल गांधी को उनकी “मोदी उपनाम” टिप्पणी के लिए दोषी ठहराया गया था और उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कांग्रेस नेता को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया था। गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज कराई थी। सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद गांधी अब आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे जब तक कि कोई उच्च न्यायालय उनकी दोषसिद्धि और सजा पर रोक नहीं लगाता।

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