हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पैरोल मंजूर हो गई है। राम रहीम शनिवार को जेल से बाहर आ सकता है और इस पैरोल के दौरान वो उत्तर प्रदेश के बागपत के बरनावा आश्रम में रहेगा।
सिरसा डेरे में 25 जनवरी को दूसरे गद्दीनशीन संत सतनाम सिंह का जन्म दिवस है। राम रहीम ने सिरसा में इस समारोह में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी है।
मालूम हो कि डेरा प्रमुख राम रहीम को इससे पहले पिछले साल 2022 में 3 बार पैरोल मिली थी और वह 91 दिन जेल से बाहर रहा था। अक्टूबर 2022 में वो 40 दिनों के लिए पैरोल पर बाहर था। उससे पहले हरियाणा पंचायत चुनाव और आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले भी उसे पैरोल दी गई थी। राम रहीम को 17 जून को एक महीने की पैरोल मिली थी। इससे पहले फरवरी 2022 में डेरा प्रमुख को तीन सप्ताह का फरलो दिया गया था। वह 2017 से हरियाणा की सुनारिया जेल में कैद हैं, जहां वह 20 साल की सजा काट रहा है।
राम रहीम पिछली बार 15 अक्टूबर को 40 दिन की पैरोल पर आया था और करीब 25 नवंबर को वापस सुनारिया जेल गया था। 40 दिन की पैरोल में उसने नशे पर तीन गाने भी लॉन्च किए। वह बरनावा आश्रम में पहले भी 2 बार पैरोल काट चुका है।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में पंचकुला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के लिए दोषी ठहराया था। बाद में उसे छत्रपति हत्याकांड व रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। तभी से रामरहीम सुनारिया जेल में बंद है। आरोप है कि कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर कोलियान निवासी रणजीत सिंह की हत्या 10 जुलाई 2002 को उस समय कर दी गई जब वह अपने खेतों में काम कर रहा था। गहन जांच के बाद, सीबीआई ने 2007 में छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया और 2008 में आरोप तय किए गए, जबकि 8 अक्टूबर, 2021 को अदालत ने रहीम और चार अन्य को डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया।
