दलाई लामा के खिलाफ चीन की साजिश का हुआ पर्दाफ़ाश, बिहार पुलिस ने संदिग्ध चीनी महिला को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा अभी बोधगया में प्रवास पर हैं। यहां के कालचक्र मैदान में उनका कार्यक्रम चल रहा है। इस कार्यक्रम में 40 देशों के 50 हजार से ज्यादा बौद्ध श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच खबर आई कि चीन ने दलाई लामा की जासूसी के लिए एक महिला को भारत भेजा है, जो इन दिनों बोधगया में ही है। ऐसी आशंका थी कि ये महिला श्रद्धालुओं के बीच रहकर ही दलाई लामा की जासूसी कर सकती है। लेकिन इससे पहले ही बिहार पुलिस ने गुरुवार शाम इस महिला को हिरासत में ले लिया है।

एसएसपी बोधगया ने हिरासत में ली गई चीनी महिला के संबंध में एक प्रेस नोट जारी किया।

बोधगया पुलिस ने इस संदिग्ध चीनी जासूस महिला को बोधगया के कालचक्र मैदान के पास से हिरासत में लिया है। उसी जगह पर दलाई लामा हर रोजाना प्रवचन देने आते हैं। महिला बौद्ध भिक्षु के वेष में थी। बताया जा रहा है कि वह साल 2020 से ही बोधगया में है। बीच में वह नेपाल भी गई थी। वह चीन में वॉलियंटर के रूप में काम करती थी. पकड़े जाने के बाद पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।

मालूम हो कि गुरुवार से ही दलाई लामा का कालचक्र मैदान में तीन दिवसीय प्रवचन शुरू हुआ है। ख़ास बात ये है कि चीनी जासूस को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को जैसे ही महिला के बारे में पुलिस को सूचना मिली थी तो सबसे पहले स्केच जारी किया गया। तुरंत पुलिस की टीम बनाई गई और महिला की तलाश शुरू कर दी गई। देर शाम जाकर महिला को कालचक्र मैदान के पास से पकड़ा गया।

बिहार पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध चीनी महिला का नाम सॉन्ग शियाओलन है। उसका वीजा नंबर 901BAA2J और पीपी नंबर- EH2722976 है।

एडीजी (मुख्यालय) जेएस गंगवार ने इस चीनी महिला के हिरासत की पुष्टि करते हुए कहा कि बिहार पुलिस ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को कथित धमकी के सिलसिले में बोधगया में संदिग्ध (चीनी) महिला को हिरासत में लिया है। महिला से पूछताछ की जा रही है।

गया के सिटी एसपी अशोक प्रसाद ने बताया कि, “बोधगया के एक गेस्ट हाउस से चीनी महिला को हिरासत में लिया गया है। बोधगया थाने में लाकर पूछताछ की जा रही है. 2020 से वह भारत में रह रही थी। महिला के पास से 2024 तक का वीजा है। प्रथम दृष्टया में किसी जासूसी की बात अभी तक सामने नहीं आई है। पूछताछ की जा रही है। महिला की उम्र 50 साल है”।

दलाई लामा के रुकने वाली जगह और महाबोधि मंदिर की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है। दलाई लामा के कार्यक्रम में जो लोग भी शामिल हो रहे है, उनकी कड़ी जांच की जा रही है। सिर्फ उन लोगों को दलाई लामा के कार्यक्रम में जाने की इजाजत है, जिनके पास मंजूरी है।

बता दें कि बीते दिनों चीन ने 15वें लामा का नाम घोषित करने की पुरजोर कोशिश शुरू कर दी थी, जिसके बाद इंडियन हिमालयन काउंसिल ऑफ नालंदा बुद्धिस्ट ट्रेडिशन ने प्रस्ताव पारित करके चीन के इन प्रयासों को सिरे से खारिज किया था। लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने भी कहा था कि दलाई लामा के बाद नये लामा के बारे में आखिरी फैसला दलाई लामा ही करेंगे। हालांकि, तिब्बत पर कब्जे के बाद से ही चीन लगातार दलाई लामा की जगह दूसरा नया धर्मगुरु बनाने की पैरवी करता रहा है।

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