अखिल भारतीय किसान कांग्रेस से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर MSP की कानूनी गारंटी और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा दिने जाने की मांग की। इन किसानों ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया था।
AIKC के संयुक्त समन्वयक हरगोबिंद सिंह तिवारी ने बताया कि, “केंद्र सरकार न तो किसानों के साथ सहयोग कर रही है और न ही उनके मुद्दों का समाधान निकाल रही है। कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन को समाप्त हुए अब एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन किसानों के लिए एमएसपी सुनिश्चित करने का सरकार का वादा अभी तक अधूरा है।”
हरगोबिंद सिंह ने आगे कहा कि, “केंद्र को अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाले इन किसानों के परिवारों का मुआवजा तुरंत देना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि केंद्र सरकार के पास जान गंवाने वाले किसानों की सूची तक नहीं है। वे मुआवजा भी कैसे जारी करेंगे?”
हरगोबिंद सिंह ने मांग की है कि MSP को जल्द लागू किया जाए। उनका कहना था कि हनमारे देश में अब तक किसानों के लिए एक उचित कानून नहीं है, जो उन्हें सीधे लाभ हो सके।
कांग्रेस पार्टी का झंडा लिए और “जय जवान, जय किसान” का नारे लगाते हुए, ये किसान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, बिहार और दक्षिणी राज्यों से आए थे और जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे।
