गुजरात चुनाव के पहले चरण की वोटिंग खत्म: शाम 5 बजे तक 56.88 % हुआ मतदान, सबसे कम मतदान भावनगर में हुआ तो सबसे ज्यादा वोटिंग तापी में हुई

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो गया है। मतदान करने का समय शाम 5 बजे तक था। आज, 1 दिसंबर को गुजरात विधानसभा की 89 सीटों पर पहले चरण के तहत वोटिंग हुई। इसमें सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के 19 जिले शामिल हैं। पहले चरण में 788 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मतदान के अंतिम आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है और 5 बजे तक 57 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई है। कुछ छिटपुट घटनाओं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी की कुछ शिकायतों को छोड़कर सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटिंग शांतिपूर्ण रही। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए पांच दिसंबर को वोटिंग होनी है और वोटों की गिनती आठ दिसंबर को होगी।

पहले चरण में आज सबसे कम मतदान भावनगर में हुआ है, जहां 51.34 फीसदी वोटिंग हुई है तो वहीं, सबसे ज्यादा तापी में 72.32 वोटिंग हुई है।

– अमरेली 52.73
– भरूच 63.08
– भावनगर 51.34
– बोटाद 51.64
– डांग 64.84
– देवभूमि द्वारका 59.11
– गिर सोमनाथ 60.46
– जामनगर 53.98
– जूनागढ़ 52.04
– कच्छ 54.52
– मोरबी 56.20
– नर्मदा 68.09
– नवसारी 65.91
– पोरबंदर 53.84
– राजकोट 51.66
– सूरत 57.83
– सुरेंद्रनगर 58.14
– तापी 72.32
– वलसाड 62.46

इस चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस, AAP के अलावा BSP, समाजवादी पार्टी, CPM, भारतीय ट्राइबल पार्टी समेत 36 अन्य दलों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने सभी 89 सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं 89 में से 88 पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं। इस चरण में कुल 339 निर्दलीय भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

गुरुवार को 14,382 मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हुआ था, जिनमें से 3,311 शहरी और 11,071 ग्रामीण इलाके हैं। वोटिंग पर नजर रखने के लिए 13,065 मतदान केंद्रों से लाइव टेलीकास्ट किया गया। मालूम हो कि गुजरात में 27 सालों से बीजेपी की सरकार है और पार्टी लगातार सातवीं बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिश कर रही है। इस बार बीजेपी का मुकाबला न सिर्फ कांग्रेस से है बल्कि आप से भी है जो अपने आप को मुख्य विपक्षी दल साबित करने के प्रयास में जुटी हुई है।

पहले चरण में किन दिग्गजों की साख दांव पर?

AAP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ईसूदान गढ़वी सौराष्ट्र क्षेत्र के द्वारका जिले की खंभालिया सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया सूरत के कटारगाम से मैदान में हैं। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में जामनगर (उत्तर) से क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा, सूरत की अन्य सीटों से गृह मंत्री हर्ष सांघवी, पूर्णेश मोदी और भावनगर (ग्रामीण) से पांच बार के विधायक पुरुषोत्तम सोलंकी का नाम शामिल है।

2017 के विधानसभा चुनाव में इन 89 सीटों का क्या था हाल?

2017 के चुनाव में इन 89 सीटों पर 68 फीसदी वोटिंग हुई थी। गुजरात में सौराष्ट्र-कच्छ के इलाके में ही बीजेपी पर कांग्रेस भारी पड़ी थी जबकि दक्षिण गुजरात में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया था। पहले चरण की जिन 89 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनके 2017 के चुनावी नतीजे देखें तो बीजेपी ने 48 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 39, बीटीपी को 2 और एनसीपी को एक सीट मिली थी। सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में 54 सीटें आती हैं, जहां पिछली बार 65 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसमें कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं, तो बीजेपी को 23 और अन्य दलों को 1 सीट मिली थी। दक्षिण गुजरात इलाके में 35 सीटें आती हैं, जहां 2017 में 70 फीसदी वोटिंग हुई थी। दक्षिण गुजरात में बीजेपी को 27 सीटें मिली थीं, तो कांग्रेस को 8 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।

2017 में भाजपा और कांग्रेस का कैसा था प्रदर्शन?

2017 के चुनाव में बीजेपी का सबसे खराब प्रदर्शन सौराष्ट्र के इलाके में रहा था। पहले चरण की 19 जिलों में से बीजेपी 7 जिलों में खाता नहीं खोल सकी थी। अमरेली, नर्मदा, डांग्स, तापी, अरावली, मोरबी और गिर सोमनाथ जिले में बीजेपी को एक सीट नहीं मिली थी। अमरेली में कुल पांच, गिर सोमनाथ में चार, अरावली और मोरबी में तीन-तीन, नर्मदा और तापी में दो-दो और डांग में एक सीट है। सुरेंद्रनगर, जूनागढ़ और जामनगर में कांग्रेस ने बीजेपी से ज्यादा सीटें जीती थी। सुरेंद्रनगर जिले की पांच में से चार, जूनागढ़ जिले की पांच में से चार और जामनगर जिले की पांच में से तीन सीटें कांग्रेस ने जीती थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में सौराष्ट्र-कच्छ इलाके से जीते हुए कांग्रेस के कई विधायक इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं।

बता दें कि राज्य में हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 182 में 99 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए बहुमत हासिल किया था। कांग्रेस के हिस्से में 77 सीटें आई थीं। 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। 2 सीटें बीटीपी और एक सीट एनसीपी के खाते में गई थी।

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