सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सरकारी स्कूलों में छह से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने और अलग शौचालय का निर्देश देने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। CJI डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा ने सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य व केंद्र सरकार इस मामले में चार सप्ताह में जवाब पेश करें। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आप अदालत की सहायता करें। साथ ही साथ कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्राओं की स्वच्छता और स्वच्छता का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है।
मध्य प्रदेश की एक डॉक्टर व सामाजिक कार्यकर्ता जया ठाकुर ने अपनी याचिका में कहा है कि गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली 11 से 18 वर्ष की आयु की लड़कियों को गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपनी इस याचिका में केंद्र सरकार और राज्यों से छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त में सैनिटरी पैड मुहैया कराने की मांग की है और साथ ही सभी सरकारी सहायता प्राप्त और आवासीय स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय मुहैया कराने का निर्देश देने की भी मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली 11 से 16 साल की उम्र की लड़कियां अक्सर हाइजीन मेनटेंन नहीं कर पाती हैं। जया ठाकुर ने कहा है कि सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन वे पूरे देश में सभी लड़कियों को कवर करने में सक्षम नहीं हैं।
याचिका में कोर्ट से तीन चरणों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने के लिए केंद्र और राज्यों को निर्देश देने की रिक्वेस्ट की गई है। इस कार्यक्रम के तहत सबसे पहले पीरियड्स और इसके चारों ओर की अलग-अलग किद्वंतियों को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। दूसरा यह कि महिलाओं और युवा छात्राओं को विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों में पर्याप्त सुविधाएं और मुफ्त स्वच्छता उत्पाद प्रदान किया जाए। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल की गई वस्तुओं के निपटान का एक कुशल और स्वच्छतापूर्ण तरीका सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी जाए।
जया ठाकुर ने अधिवक्ता वरीन्द्र कुमार शर्मा और वरुण ठाकुर के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
