कांग्रेस पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ गुरुवार को मध्य प्रदेश के बोरगांव से शुरू हुई। इस पदयात्रा का यह 78वां दिन और मध्य प्रदेश में दूसरा दिन है। यात्रा राज्य के 7 जिलों से होकर गुजरेगी। आज प्रियंका गांधी भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में अपने भाई राहुल गांधी का साथ देने के लिए शामिल हो गई हैं। वह चार दिन तक राहुल के साथ ही होंगी। आज की यात्रा में एक ख़ास बात यह भी है कि राहुल और प्रियंका के साथ सचिन पायलट भी शामिल हैं। राहुल गांधी के आज खंडवा जिले के पंधाना शहर में आदिवासी आइकन टंट्या मामा के जन्म स्थान बडोदा अहीर जाने की उम्मीद है।
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी 26 नवंबर को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकती हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को बुरहानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा की, ‘हमने भारत जोड़ो यात्रा इसलिए शुरू की क्योंकि सब लोकतांत्रिक रास्ते बंद हो गए थे, तो हमने सोचा सड़क पर उतरकर जनता से गले लगकर उनकी बात सुने। बीजेपी की सरकारें जानबूझकर डर फैलाती है, बीजेपी की सरकार किसानों की मदद और रक्षा नहीं करती है’।
राहुल ने केंद्र सरकार की नीतियों की खूब आलोचना की। उन्होंने अपने संबोधन में महंगाई, अग्निवीर योजना और सरकारी संस्थाओं के निजीकरण की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा, “नोटबंदी और जीएसटी कोई नीति नहीं है। ये ऐसे हथियार हैं जिसका इस्तेमाल छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को मारने के लिए किया गया. इसने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।”
अग्निवीर योजना को लेकर राहुल ने कहा कि, “सरकार और भारतीय सेना के बीच एक पवित्र रिश्ता था, लेकिन अब मोदी की अग्निवीर योजना ने इस रिश्ते को तोड़ दिया है। चार साल की सेवा के बाद वे बेरोजगार हो जाएंगे।”
कांग्रेस नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा है कि, ‘यात्रा का उद्देश्य देश में महंगाई, बेरोजगारी को खत्म करना और सद्भाव को बढ़ाना है। राहुल गांधी का देश के लिए संदेश स्पष्ट है, उसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए कारवां चल पड़ा हैं। ये यात्रा (भारत जोड़ो यात्रा) आजादी के बाद सबसे बड़ी यात्रा है’।
मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव साल 2023 में होना है। राज्य में विधानसभा की 230 सीटें हैं। इस यात्रा का राज्य में जो मुख्य रुट है उसमें कुल 66 सीटें हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि इस क्षेत्र मंय ज़्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी ही राज्य की सत्ता को हासिल करती रही है। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इन सीटों में से बीजेपी से 3 सीटें कम मिलने के बावजूद सरकार बनाई थी। कांग्रेस की नज़र राज्य के अनुसूचित जनजाति की 47 और अनुसूचित जाति वर्ग की 35 सीटों पर भी है। ये दो समीकरण (मालवा-निमाड़ की 66 और एससी-एसटी की 82 सीटों में ज़्यादा सीटें पाना) बीजेपी समेत अन्य पार्टियों की रणनीति का भी हिस्सा हैं।
भारत जोड़ो यात्रा 12 दिनों में मध्यप्रदेश में करीब 399 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यह यात्रा प्रदेश के 6 जिले बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर-मालवा में घूमेगी। यात्रा 4 दिसंबर को आगर होते हुए राजस्थान में एंट्री करेगी। 25 नवंबर को राहुल गांधी खेरड़ा से मोरटक्का तक की यात्रा करेंगे। शनिवार 26 नवंबर को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इंदौर जिले में प्रवेश करेगी। यहां वे डॉ भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू जाएंगे। इसके अगले दिन राहुलगांधी महू से इंदौर तक की यात्रा करेंगे। 28 तारीख को यात्रा का विश्राम तय किया गया है।
राहुल गांधी 29 नवंबर को इंदौर शहर से सांवेर जाएंगे। 30 नवंबर को राहुल की यात्रा उज्जैन पहुंचेगी। सुबह 6 बजे राहुल की यात्रा सांवेर कैंप साइड से रवाना होकर 10 बजे इंदौर रोड स्थित उज्जैन के पास ग्राम निनोरा में यथार्थ फ्यूचरस्टिक स्कूल में सुबह 10 बजे पहुंचेगी। इस दौरान राहुल गांधी यहां पर ब्रेक फास्ट और लंच कर बाबा महाकाल के दर्शन करने जाएंगे। शाम 4 बजे वे आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर में जनसभा को संबोधित करेंगे। सभा के बाद आगर रोड पर रात्रि विश्राम के लिए श्री गुरु सांदीपनि इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सुरासा पहुंचेंगे। राहुल गांधी मध्य प्रदेश यात्रा के दौरान महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में शिवलिंग के दर्शन करेंगे। वे शाजापुर ज़िले के सुविख्यात बगलामुखी देनी के दर्शन करने भी जायेंगे।
एक तारीख को भी यात्रा उज्जैन में ही रहेगी। दो दिसंबर को यात्रा की शुरुआत उज्जैन के झालरा से होगी। यहां से राहुल गांधी आगर-मालवा के कासी बरदिया पहुंचेंगे। तीन दिसंबर को राहुल गांधी इसी जिले के महूदिया से लालाखेड़ी तक का सफर तय करेंगे।
भारत जोड़ो यात्रा का मध्यप्रदेश के बाद अगला पड़ाव राजस्थान होगा। चार दिसंबर को यात्रा का मध्यप्रदेश में आखिरी दिन होगा। इसके बाद यात्रा लालाखेड़ी से राजस्थान के झालावाड़ में प्रवेश करेगी। लालखेड़ी में कमलनाथ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष को यात्रा का ध्वज सौंपेगे।
बता दें कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। यात्रा के वर्तमान चरण (मध्यप्रदेश) से पहले राहुल तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र में अपनी इस यात्रा को पूरा कर चुके हैं। यह यात्रा 12 राज्यों के 20 शहरों से गुजरते हुए 150 दिन तक चलेगी। 3,570 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर में होगा। यात्रा के फरवरी 2023 की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पहुंचने की संभावना है। इस यात्रा का लक्ष्य कांग्रेस पार्टी के संगठन को पुनर्जीवित करना है।
