G-20 शिखर सम्मलेन हुआ ख़त्म: इंडोनेशिया ने भारत को सौंपी G-20 समिट की अध्यक्षता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- भारतीय के लिए गर्व की बात; पीएम स्वदेश हुए रवाना

बुधवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। इंडोनेशिया के बाली में हो रहे G-20शिखर सम्मेलन में भारत को आज G-20 की आधिकारिक रुप से अध्यक्षता मिल गई। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने बाली शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में भारत को G20 की अध्यक्षता सौंपी। भारत एक दिसंबर से आधिकारिक तौर पर G20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि G-20 की अध्यक्षता हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने विभिन्न शहरों और राज्यों में बैठकें आयोजित करेंगे। हमारे अतिथियों को भारत की अद्भुदता, विविधता, समावेशी परंपराओं और सांस्कृतिक समृद्धि का पूरा अनुभव मिलेगा। मालूम हो कि 2023 में G-20 समिट नई दिल्ली में होगा, जिसकी मेजबानी भारत करेगा।

इंडोनेशिया के बाली में चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन का आज अंतिम दिन है। पीएम मोदी ने आज कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ मुलाकात की। पीएम मोदी ने फ्रांस इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे से मुलाकात की। दोनों नेता एक-दूसरे को गले लगाते नजर भी आए।

G-20 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं की कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही ब्रिटेन की सरकार ने भारत के लिए हर साल 3000 वीजा जारी करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। यह वीजा उन युवाओं के लिए है, जो ब्रिटेन जाकर अपना करियर संवार सकते हैं। ब्रिटेन सरकार ने इस बारे में बताया कि भारत ऐसा पहला देश है, जिसे इस स्कीम का फायदा मिलने जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने G20 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने हरित अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और व्यापार संबंधों को गहरा करने जैसे क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग के अवसरों को बढ़ाने पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में शामिल हुए।

समिट के अंतिम दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। ओलाफ स्कोल्ज से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, इस साल यह हमारी तीसरी मीटिंग है। उन्होंने बताया, हमने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध को मजबूत करने, रक्षा सहयोग को बढ़ाने और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा की।

G-20 समिट में ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि हम भारत के साथ व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हमें इन चीजों को ठीक करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज G20 समिट के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के सत्र में भाग लिया। इस सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के भारत के अनुभव ने हमें दिखाया है कि अगर हम डिजिटल आर्किटेक्चर को समावेशी बनाते हैं, तो यह सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन ला सकता है। पीएम ने कहा कि पिछले साल भारत के 40% से अधिक रीयल टाइम भुगतान यूपीआई के जरिए हुए। इसी तरह, हमने डिजिटल पहचान के आधार पर 460 मिलियन नए बैंक खाते खोले। भारत आज वित्तीय समावेशन में आगे हो गया है। यह हम जी-20 नेताओं की जिम्मेदारी है कि डिजिटल परिवर्तन के लाभ मानव जाति के एक छोटे से हिस्से तक ही सीमित न हों।

G20 समिट के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि विश्व आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पूरा विश्व आज भारत की ओर देख रहा है। मोदी ने आगे कहा कि भारत G-20 का जिम्मा ऐसे समय ले रहा है जब विश्व जियो पॉलिटिकल तनावों, आर्थिक मंदी और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों और महामारी के दुष्प्रभावों से एक साथ जूझ रहा है। ऐसे समय विश्व G-20 के तरफ आशा की नज़र से देख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत की G-20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और क्रिया-उन्मुख होगी। हमारा प्रयत्न रहेगा की G-20 नए विचारों की परिकल्पना और सामूहिक एक्शन को गति देने के लिए एक ग्लोबल प्राइम मूवर की तरह काम करेगा। वैश्विक विकास महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। हमें अपने G-20 एजेंडा में महिलाओं के नेतृत्व में विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

G-20 शिखर सम्मलेन के अंत में आज, बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और दुनिया के लिए इसके प्रभावों पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस घोषणापत्र में नेताओं ने यूक्रेन युद्ध को तत्काल खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा कि “आज का युग, युद्ध का युग नहीं होना चाहिए।”घोषणापत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मतभेदों की बात स्वीकार करते हुए कहा गया कि अधिकांश सदस्यों ने इसकी कड़ी निंदा की है। घोषणापत्र के मुताबिक, अधिकतर सदस्यों का कहना है कि यूक्रेन युद्ध भारी मानवीय पीड़ा का कारण बना जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मौजूदा कमजोरियों को बढ़ाया। अधिकांश सदस्यों ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से विकास बाधित हुआ, मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई और ऊर्जा व खाद्य असुरक्षा बढ़ी।

घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि शांति और स्थिरता की रक्षा करने वाले अंतरराष्ट्रीय कानून और बहुपक्षीय व्यवस्था को कायम रखना जरूरी है। इसमें सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा सहित अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने का आह्वान भी किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-20 समिट के दौरान राष्ट्राध्यक्षों से मुलाक़ात के साथ उपहार भी दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के बाली में जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद आज ही स्वदेश रवाना हो गए हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे पर दुनियाभर के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की।

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