प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे घाटी अभी पीछे की ओर भाग रहे हैं रात में अचानक बढ़े गंगा जल की वजह से घाटियों का सामान भी डूब गया है देवो की नगरी उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई जबरदस्त बारिश का असर अब संगम नगरी प्रयागराज में भी दिखाई देने लगा है उत्तराखंड में आई बाढ़ की वजह से गंगा का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र में पानी ही पानी देखने को मिल रहा है।
फिलहाल गंगा का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र में बन रहे रेलवे ब्रिज का निर्माण भी रोक दिया गया है तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण घाट भी डूब चुके हैं अगस्त में बाढ़ का पानी घटने के बाद रेलवे विकास निगम लिमिटेड ने संगम क्षेत्र में प्रयागराज रामबाग – वाराणसी रेलखंड के दोहरे ट्रैक वाले ब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था ब्रिज के लिए पिलर बनाए जा रहे थे लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माणाधीन पीलरों के चारों तरफ पानी भर गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर घाटों पर भी दिखाई दे रहा है। संगम के घाटों से तीर्थ पुरोहित अपना सामान लेकर पीछे हटने लगे हैं। गौरतलब है कि कानपुर गंगा बैराज से लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है।
जिससे अगले चार-पांच दिन तक गंगा का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहेगा। कानपुर बैराज से प्रतिदिन लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है बैराज से 4 दिन में 9लाख 58 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया है बैराज से सोमवार को 3लाख 9सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया था इससे पहले 24 अक्टूबर को दो लाख 69 हजार और 23 अक्टूबर को 2 लाख 81 हजार के साथ ही 22 अक्टूबर को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटियों को परेशानी हो रही है इसके साथ ही दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बढ़ते जलस्तर से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
