MGKVP-संविदा शिक्षकों की हुई जीत, कोर्ट ने बहाली और भुगतान के निर्देश के साथ पूर्व कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह और रजिस्ट्रार मौर्य को धारा 14 का उल्लंघन का दोषी पाया

वाराणसी: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने 23 सितंबर को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संविदा शिक्षकों को राहत देते हुए 1 जुलाई 2020 से नियुक्त करने एवं 2 महीने के अंदर वेतन भुगतान करने का आदेश जारी किया है। गौरतलब हैं कि पिछले साल तात्कालीन कुलपति प्रोफेसर टी. एन. सिंह, और रजिस्ट्रार साहेब लाल मौर्य के मनमानी और राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना की। इसके विरोध में शिक्षक सत्याग्रह पर चले गये थें।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के लगभग 78 संविदा अध्यापकों ने अपने सेवा विस्तारीकरण दिनांक 1 जुलाई 2020 से होने एवं पिछले 5 महीनों के वेतन भुगतान के संदर्भ में पिछले वर्ष नवंबर माह में 24 दिनों तक पंत प्रशासनिक भवन के सामने गांधी जी के मूर्ति के समक्ष सत्याग्रह किया किया था, इसके बावजूद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर टी.एन सिंह एवं रजिस्टार साहेब लाल मौर्या ने प्रदेश सरकार के आदेश को मानने से इनकार कर दिया था। जिसके कारण लगभग 40 संविदा शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर किए थे।

 

इलाहाबाद हाई कोर्ट खंडपीठ-9 के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति श्री अनिल कुमार राय ने दिनांक 23 /09/2021 को अपने निर्णय देते हुए कहा कि स्वयंवित्त पोषित पाठ्यक्रम के चलते रहने तक संविदा शिक्षकों का सेवा विस्तार जारी रहेगा जब तक कि उन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई हो, इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने आदेश दिया है कि इन शिक्षकों को 2 महीने के अंदर बकाया भुगतान कर न्यायालय को सूचित करें। न्यायमूर्ति ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं रजिस्ट्रार के कार्यों को अनुचित एवं अहितकर तथा संविधान की धारा 14 के उल्लंघन करने वाला बताया है। न्यायमूर्ति ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश संख्या 226 / सत्तर- 2 – 2020 -18( 31)/ 2018 को सही ठहराते हुए विश्वविद्यालय को अनुपालन करने का आदेश जारी किया है।

 

प्रो. टी. एन. सिंह आजकल पटना IIT के डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं, और इन शिक्षकों को सत्याग्रह पर मजबूर करने के पीछे प्रो. टी. एन. सिंह रजिस्ट्रार साहेब मौर्य की मंशा शिक्षकों के भर्ती के बहाने पैसे कमाने की मंशा थीं। इस पूरे मामलें में डॉ योगेंद्र सिंह की भी भूमिका रही है, जिन्हें हाल फिलहाल डायरेक्टर के पद से हटाया गया है उनके ऊपर यौन शोषण के आरोप भी दर्ज है।

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