प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिलों में इन दिनों तूफानी हवाओं संग मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश से कई मकान जमींदोज हो गए हैं जबकि पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कुछ इलाकों में विद्युत व्यवस्था चरमरा गई।राजधानी लखनऊ हो या फिर धार्मिक नगरी प्रयागराज, हर जगह जल प्रलय की तस्वीर देखने को मिल रही है।
लेकिन प्रयागराज में आज कुछ अलग ही तस्वीर देखने को मिली है। बता दें कि प्रयागराज में कई घंटों से बारिश नहीं हुई,इसके बाद भी पॉश इलाकों की सड़कें अभी भी दरिया बनी हुई हैं।सिविल लाइंस, करैली,जार्जटाउन,अल्लापुर, सहित तमाम इलाके पानी पानी है।पॉश इलाका जार्जटाउन,टैगोर टाउन की सड़को में लबालब पानी भरा हुआ है और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों की माने तो उनका कहना है कि 18 घंटों शाम से बारिश नहीं हुई है। उसके बावजूद सड़कों पर जलभराव की समस्या देखी जा रही है। हालांकि जिस जगह यह समस्या देखी जा रही है उस जगह बीते 15 सालों से स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का यह भी आरोप है कि स्मार्ट सिटी में शुमार प्रयागराज की असल तस्वीर थोड़ी सी बारिश में दिख जाती है।ये तस्वीरें शहर के एक प्रमुख इलाके करैली की हैं। तस्वीरों में भी आप साफ देख सकते हैं की स्थिति ऐसी बनी है जैसे कुछ ही देर पहले बारिश हुई हो। हालांकि प्रभावित इलाकों में पंप के जरिए पानी को निकाला जा रहा है लेकिन लोगों में काफी आक्रोश है। दो दिन से लगातार हो रही तेज बारिश ने प्रयागराज की अधिकतर सड़कों की कलई खोलकर रख दी। शहर की बदहाली को देखते हुए समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विनय कुशवाहा ने भी इसका जिम्मेदार भारतीय जनता पार्टी के लोगों को ही ठहराया है। उनका कहना है कि शहर की मेयर से लेकर विधायक, सांसद सभी भारतीय जनता पार्टी के लोग ही हैं उसके बावजूद भी शहर की स्थिति ऐसी देखी जा रही है।शहर के करैली इलाके की सड़कें इन दिनों बहुत खराब है। पिछले कई साल से जीटीबी नगर क्षेत्र में सड़कों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया है।
ये हाल तब है जब प्रयागराज से तीन कद्दावर मंत्री भी हैं। प्रयागराज रेलवे स्टेशन के सामने तो बरसों से मामूली बरसात में भी पानी भर जाता है। सिविल लाइंस में डीआरएम आफिस रोड ,जानसेनगंज डाट पुल के नीचे,लीडर रोड , खुल्दाबाद जैसे इलाकों में जब भी तेज बारिश होती है,जल भराव की समस्या हो जाती है। कुंभ के दौरान इन क्षेत्रों में काम भी हुआ था लेकिन समस्या ज्यों कि त्यों है।
