प्रयागराज:यूपी में 108 व 102 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने छह सूत्री मांगों को पूरा किए जाने की मांगों को लेकर आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। एम्बुलेंस कर्मियों ने मांगे पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार कर दिया है। ये वे एम्बुलेंस है जो मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में सबसे कारगर साबित हुई हैं।वेस्ट यूपी के कई जिलों में जहां कर्मचारियों ने करीब 100 से ज्यादा एंबुलेंस मेडिकल में खड़ी कर दी हैं वहीं कई अन्य जिलों में अपनी मांगों को लेकर एम्बुलेंस चालक धरने पर बैठ गए। हड़ताल के चलते आजमगढ़, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलों में एंबुलेंस सेवा बंद है। इससे मरीजों और उनके परिवारीजनों में हाहाकार मचा हुआ है।
बता दें कि एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार रात 12:00 बजे विभिन्न जिलों में एंबुलेंस खड़ी कर दी। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडे एवं संगठन मंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस कंपनी प्रबंधन, एनएचएम और संघ के बीच बातचीत हुई लेकिन निष्कर्ष नहीं निकला।
प्रदेश में एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने की कई मांगे हैं। ठेका प्रथा समाप्त किए जाने की कर रहे हैं। आउटसोर्सिंग कंपनी बदले जाने पर छटनी का डर। वेतन में कटौती ना करने की कर्मचारियों की मांग। 23000 प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता भी देने की मांग।एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारी ना हटाने की मांग।अनुभवी कर्मचारियों को सर्विस पर रखने की मांग।कोरोना काल में मृतक कर्मचारियों को लेकर मांग। परिवार को बीमा राशि,सहायता राशि जारी की जाए। 50 लाख बीमा राशि की रकम आश्रितों को मिले।नई कंपनी को काम सौंपने से नौकरी जाने का डर।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष और सपा नेता डाक्टर रिचा सिंह ने आरोप लगाया है कि सरकार ठेका प्रथा से एम्बुलेंस कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है।कोरोना महामारी के दौरान इन्होने अपने जीवन की परवाह किए बिना बहुतों का जीवन बचाया है।आज इनको अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। प्रयागराज में परेड ग्राउंड में एम्बुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। रिचा सिंह भी उनके साथ धरने पर बैठी और उनकी आवाज़ बुलंद किया ।
