दिल्ली: राहुल गांधी ने आज मीडिया के माध्यम से कांग्रेस के श्वेत पत्र ( White Paper ) के बारे में दिल्ली में जानकारी दी। राहुल गांधी ने कहा हम सरकार जी आलोचना नहीं कर रहे लेकिन उन गलतियों पर उनका ध्यान जरूर दिलवाना चाहते हैं जिन गलतियों से लाखों लोग कोविड मिसमैनेजमेंट की भेंट चढ़ गये। उनकी जान चली गई अगर समय पर सही उपाय और प्रबंधन कर लिए गये होते तो उनकी जान बचाई जा सकती थीं। खुशी हम तब मनाते जब कोविड19 से सही मायनों में हम उबर कर सामान्य जिंदगी में लौट कर आते।
कोविड की समस्या आप सब जानते हैं, देश को जो दर्द पहुंचा, लाखों लोगों की मृत्यु हुई। कोरोना ने क्या किया, पूरा देश जानता है। हमने ये वाइट पेपर थोड़ा डिटेल में तैयार किया है और इस वाइट पेपर के दो-तीन लक्ष्य हैं। इसका लक्ष्य फिंगर प्वाइंटिंग नहीं है। इसका लक्ष्य ये नहीं है कि सरकार ने ये-ये गलत किया। हम गलती को इसलिए प्वाइंट आउट कर रहे हैं क्योंकि हम जानते हैं कि आने वाले समय में इन गलतियों को करेक्ट करना होगा, ठीक करना होगा।
हमारे वरिष्ठ नेता पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आपको सुझाव दिया तो आपने उस समय नहीं माना ये बेहद निराशाजनक है उनकी आलोचना की गई लेकिन चुपचाप उन उपायों को आपने लागू कर दिया। हमनें गरीबों के लिए न्याय योजना नाम दिया है अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये नाम नहीं पसंद आये तो आप नाम बदल दीजिये पर देश के गरीबों को इस मुश्किल घड़ी में मदद तो कीजिये। पैसा उनके खातों में भेजिये ताकि वो इस मुश्किल घड़ी में खुद को बचा सकें कोविड19 से लड़ सकें। हम लगातार आपको सुझाव दे रहे है, पहली वेव के समय से अगर उन पर मिलकर काम किया जाता तो देश को इतना नुकसान नहीं होता।
हमारे साथी राजीव गौडा और अलग-अलग विशेषज्ञों की राय को ध्यान में रखकर एक रिसर्च के जरिये कोविड मिसमैनेजमेंट पर एक व्यापक रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से बनाई है। (White Paper) अगर इस पर ध्यान दिया जाता तो देश के लाखों लोगों को बचाया जा सकता था, जिनकी असमय मृत्यु हुई। आगे राहुल ने कहा-
दो-तीन चीजें हैं – पूरा देश जानता है कि सेकंड वेव से पहले हमारे साइंटिस्ट्स ने, डॉक्टर्स ने सेकंड वेव की बात की थी और उस समय जो एक्शन सरकार को लेने थे, जो उनका बिहेवियर होना चाहिए था, वो नहीं रहा। और आपको, पूरे देश को सेकंड वेव का असर सहना पड़ा।
आज हम फिर से वहीं खड़े हैं। पूरा देश जानता है कि थर्ड आने जा रही है। वायरस म्यूटेट कर रहा है और थर्ड वेव आ सकती है और इसलिए हम एक बार फिर कह रहे हैं कि सरकार को थर्ड वेव के लिए पूरी तैयारी करनी चाहिए। जो रिक्वायरमेंट्स हैं, अस्पताल बेड की रिक्वायरमेंट्स हैं, इन्फ्रास्ट्रक्चर की रिक्वायरमेंट्स हैं, ऑक्सीजन की रिक्वायरमेंट्स हैं, दवाइयों की रिक्वायरमेंट्स हैं, जो सेकंड वेव में नहीं की गई थी, उनको थर्ड वेव के लिए बिल्कुल करना चाहिए। तो ये हमारा लक्ष्य है।
कोरोना महामारी से देश पिछले साल से जूझ रहा है, देश के लोगों ने अपनों को खोया, अपना रोजगार खोया, व्यापार खोया सबसे ज्यादा प्रभावित देश का गरीब तबका हुआ जिसे रोज़ मजदूरी के बदले एक वक्त की रोटी नसीब होती है। जिसके पास ना पैसे है, ना रोजगार, और ना स्वास्थ्य संबंधी अचानक आने वाली परेशानियों से निपटने के उपाय ऐसे में अब तीसरी लहर की बात चल पड़ी है, ये लहर पिछली 2 लहरों से ज्यादा घातक होगी ऐसा विशेषज्ञ अपनी राय दे रहे है।
देश के वैज्ञानिक, अर्थव्यवस्था के जानकार स्वास्थ्य के जानकार और विशेषज्ञ इसको निपटने के लिए सुझाव पर काम करने को जोर दे रहे हैं।
पूरा देश जानता है कि थर्ड आने जा रही है। वायरस म्यूटेट कर रहा है और थर्ड वेव आ सकती है और इसलिए हम एक बार फिर कह रहे हैं कि सरकार को थर्ड वेव के लिए पूरी तैयारी करनी चाहिए। जो रिक्वायरमेंट्स हैं, अस्पताल बेड की रिक्वायरमेंट्स हैं, इन्फ्रास्ट्रक्चर की रिक्वायरमेंट्स हैं, ऑक्सीजन की रिक्वायरमेंट्स हैं, दवाइयों की रिक्वायरमेंट्स हैं, जो सेकंड वेव में नहीं की गई थी, उनको थर्ड वेव के लिए बिल्कुल करना चाहिए। तो ये हमारा लक्ष्य है।
White Paper के जरिये हमारे 4 महत्वपूर्ण सुझाव है जिसे अमल में लाकर तीसरी लहर से निपटने में आसानी होगी-
1. भारत के हर गांव और राज्यों के साथ जिलों में तैयारी- ऑक्सीजन, अस्पताल बेड, क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, दवाइयां।
2.जिन लोगों को ऑक्सीजन की जरुरत हो, उनको आसानी से ऑक्सीजन मिल जाए और बिना कोई कारण डेथ ना हो। जो नीडलैस डेथ हैं, जो एक प्रकार से लाखों लोग नीडलैसली मरे हैं सेंकड वेव में, वो फिर से ना हो।
3.कोविड सिर्फ बायोलॉजिकल बीमारी नहीं है, कोविड इकनॉमिक-सोशल बीमारी है और इसलिए सरकार को सबसे गरीब लोगों को, छोटे बिजनेस को, मिडिल साइज बिजनेस को आर्थिक सहायता देने की जरुरत है।
4.कोविड कंपनसेशन फंड (Compensation fund) बनाया जाए। जिन परिवारों के घर में जो ब्रेड अर्नर हैं, उनकी मृत्यु हुई है। उनको कंपनसेशन दिया जाए, उनको डायरेक्ट कोविड फंड से उनको सहायता दी जाए।
