किसान आंदोलन मध्यप्रदेश: ग्वालियर फूलबाग में किसानों के धरने पर भाजपा और आरएसएस के लोगों का हमला

ग्वालियर:डॉ राकेश पाठक। पिछले 31 दिन से फूलबाग चौराहे पर किसान आंदोलन के समर्थन में चल रहे शांति पूर्ण धरने पर आज कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमले में कई महिलाओं के साथ बदसलूकी भी हुई और लोगों को काफ़ी चोट पहुंची है।
  • तिरंगे की आड़ में भड़काऊ पोस्टर के साथ थे लोग
  • भगत सिंह की तस्वीर और अंबेडकर का बैनर फाड़ा
  • उपद्रवियों के बैनर पर लिखा था-गोली मारो सालों को
हाथ में तिरंगा लिए, देश भक्ति के नारे लगा रहे लोगों के हाथ में बैनर थे जिस पर लिखा था ‘हम कृषि कानूनों का समर्थन करते हैं।’ 
दूसरे बैनर पर यह भी लिखा था कि ‘देश के सब गद्दारों को गोली मारो सालों को।’
आधे घंटे से भी ज्यादा शहर के व्यस्त चौराहे पर हंगामा होता रहा और थोड़ी दूर पर मौजूद पुलिस वहाँ नहीं पहुंची। इसका क्या मतलब निकाला जाए।
कृषि कानूनों के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर पिछले 31 दिनों से धरना चल रहा है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर पर किसान और स्थानीय लोग धरने में शामिल है इस कि अगुवाई माकपा कर रही है।
रविवार की शाम अचानक धरने में बैठे लोगों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हाथ में तिरंगा लिए आये लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। वे अपने हाथ में क्रांतिकारी हिंदू दल का बैनर लिए हुए थे। उनमें से कुछ ने भगवा कपड़े से अपने चेहरे ढंके हुए थे।
उन्होंने धरना दे रहे लोगों पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि उपद्रवी लोगों ने सरदार भगत सिंह की तस्वीर , बाबा साहब का बैनर फाड़ दिया। धरने के टेंट को आग लगाने की कोशिश की। ये लोग खुद को किसान बिलों का समर्थक बता रहे थे और किसान बिल समर्थन में नारे लगा रहे थे।
धरने पर बैठे लोगों ने भी जवाब दिया
अचानक हुए हमले का धरने पर बैठे लोगों ने भी जवाब दिया। खास बात ये है कि उपद्रवी तत्व आधे घंटे से ज्यादा समय तक बीच चौराहे पर उत्पात मचाते रहे लेकिन पास में ही खड़ी पुलिस की तरफ से उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं कि गई। 
धरना दे रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकार के इशारे पर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने यहाँ उपद्रव किया है, लोगों को जातिगत गालियाँ दी हैं, महिलाओ से अभद्रता की है। ये दूसरी घटना है जब भाजपा के लोग किसान आंदोलन में हंगामा करते चिन्हित हुए है, नये कृषि कानूनों के विरोध में पूरे देश में किसानों का प्रदर्शन चल रहा है जिसे आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। 

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