अहमदाबाद: अगर आप जॉब में है और गुजरात मे है तो वे खबर खास आपके लिए है नोटिस पीरियड के बगैर अगर आप नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं तो यह आपको महंगा पड़ सकता है। अगर कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ने से पहले दिए गए नोटिस पीरियड को पूरा नहीं करते हैं तो उनसे वेतन पर 18 परसेंट वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी कर लगेगा। गुजरात अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग ने इस संबंध में एक अहम फैसला सुनाया है जिसके मुताबिक,उसने नोटिस पीरियड पूरा किए बगैर नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी से रिकवरी पर 18 परसेंट जीएसटी वसूलने के लिए कहा है।
गुजरात का है मामला
अथॉरिटी एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा था, जहां अहमदाबाद स्थित निर्यात कंपनी एम्नेल फ़ार्मास्यूटिकल्स के एक कर्मचारी ने तीन महीने की नोटिस अवधि की सेवा के बिना अपनी नौकरी से छोड़ने का फैसला किया था।
फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी है जो अपने सभी उत्पादों का निर्यात करती है। दरअसल नोटिस पीरियड को लेकर अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग नियम होते हैं जहां 1 लेकर तीन महीने तक का नोटिस सर्व करना होता है। एम्नेल फ़ार्मास्यूटिकल्स में तीन महीने का नोटिस पीरियड था।
अथॉरिटी ने कही ये बात
अथॉरिटी ने आदेश जारी करते हुए कहा, ‘एंट्री ऑफ सर्विसेज के तहत आवेदक को 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होगा। यह नोटिस की अवधि में पे की रिकवरी पर लगेगा। इसे नोटिस पीरियड पूरा किए बगैर कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारी से वसूला जाता है। कर्मचारी और कंपनी के बीच जो कॉन्ट्रैक्ट हुआ है उसका उल्लेख नोटिस पीरियड में किया गया है। इसलिए कर्मचारी को यह देना होगा।’
प्राधिकरण ने इसे ‘सहन ना करने वाला कृत्य’ करार देते हुए कहा कि राशि की वसूली निर्धारित नोटिस अवधि की सेवा के उल्लंघन के बदले में होगी। इसके अलावा, जीएसटी अधिनियम के अनुसार, कर्मचारी छूट के तहत राशि को कवर नहीं किया जाएगा।
सवाल ये है कि ऑथॉरिटी ने कर्मचारी से सेवा कर ले सकती है पर अगर कंपनी अपने कर्मचारियों को जबरदस्ती बाहर का रास्ता दिखाये तो कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह का कोई नियम या फैसला मिलेगा।
