नई दिल्ली: मिडिया से बात करते हुये में हरशरण सिंह बल्ली जितेंद्र पाल सिंह गग्गी प्रेसीडेंट रामघरिया बोर्ड दिल्ली तेजिंदर सिंह भाटिया सतविंदर सिंह ने जमकर अपनी भड़ास निकाली एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें हरशरण सिंह बल्ली ने रमेश बिधूड़ी के बयान को सुनकर आश्चर्यचकित होते हुते कहा कि संसद के सदस्य होते हुये राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग मंडलों में किसानों पर आरोप लगाते हुए रमेश विधूड़ी का बयान बहुत ही निंदनीय है।
हम श्री रमेश बधुरी के बयान को सुनकर आश्चर्यचकित हैं, रमेश विधूड़ी और दक्षिण दिल्ली से सांसद दिल्ली में अलग-अलग मंडलों में किसानों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे खालिस्तानवादी, अलगाववादी और राष्ट्र विरोधी है। ये किसान भाइयों के लिए दुष्प्रचार है। सिख किसान भाइयों को अपने घर की भूमि के प्रति अपनी वफादारी साबित करने के लिए किसी से कोई प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।
इन आरोपों से हमारी किसान की छवि धूमिल होती है तो हम अंत तक लड़ेंगे। भाजपा और रमेश विधूड़ी को तरह के आरोप लगाने से पहले इतिहास पढ़ना चाहिए। जब भी राष्ट्र को शत्रुतापूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा तो पंजाब हमेशा सबसे आगे रहा। राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंजाबी लोगों की गिनती कुल शहीदों में 75 प्रतिशत थी। जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों की कुल संख्या का 90 प्रतिशत किसान समुदाय से थे। अगर सांसद शहीद भगत सिंह, करतार सिंह सराभा या शहीद उधम सिंह के बलिदानों को भूल गए तो उनको और अध्ययन करने की जरूरत? यह भी तथ्य है कि सेना में शामिल होने वालों का एक बड़ा हिस्सा किसान परिवारों से है। चीन और 1965, 1971 और कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के साथ 1962 के युद्ध में उनके द्वारा दिए गए बलिदान को हम कैसे भूल सकते हैं ?
बेहतर है माननीय सांसद अपनी बेतुके बयानों को लगाम दे और किसान भाइयों का अपमान करना बंद करे।
