डॉ लोहिया और वर्तमान किसान आंदोलन, क्या सत्ता इतनी निर्लज हो चुकी है कि जनता की तकलीफें नहीं समझ सकती

कल्पना कीजिए, यदि आज डॉ लोहिया जीवित रहते तो, साल भर से हो रहे किसान आंदोलन…