Valentine Day: आशिकी की रोशनाई से लिखी गयी रूहानी इश्क़ की रुबाईयाँ, डॉ रामदयाल और हेजल की कहानी

अमरेंद्र किशोर: इश्क न पुछे जात धर्म नूं…..इश्क न देखे ताज…….ये तो वो रंग है….जिसके जूनून…

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