मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस की प्रस्तावित नोटिस और इसी के बीच मे कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से भी 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। इस अल्टीमेटम पर बीजेपी प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों के जरिए सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे आम जनता के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित नोटिस पर उन्होंने कहा, ‘इंडिया गठबंधन के भीतर ही मतभेद हैं और वह एकजुट नहीं है. मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अतीत में झांककर देखना चाहिए।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है, लेकिन विपक्ष की ओर से हर दिन कोई न कोई नया मुद्दा उठाकर सनसनी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जिलानी ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो के जरिए उठाए जा रहे मुद्दों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष को आम जनता के मुद्दों पर आकर बात करनी चाहिए। जनता को लग रहा है कि मौजूदा सरकार उनके लिए बेहतर काम कर रही है और इसी वजह से विपक्ष के सीईसी समेत दूसरे मुद्दे भी प्रभावी नहीं हो रहे हैं।
आखिर भाजपा को क्यों मिर्ची लग रही है –
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी की 48 घंटे की चेतावनी और जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा पर बीजेपी नेता यासिर जिलानी ने संगठन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘जंतर-मंतर के बाद सीजेपी को लगा कि उसने लोगों और अपनी गतिविधियों के जरिए प्रभाव बना लिया है, लेकिन राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार समेत जिन राज्यों में संगठन ने सक्रियता दिखाने की कोशिश की, वहां उसे सफलता नहीं मिली। ऐसे में सीजेपी एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम पर अभियान खड़ा करना चाहता है। संगठन को पहले अपने भीतर के मतभेदों को स्पष्ट करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है।
एक बड़ा सवाल ये भी है कि कही भाजपा CJP को आगे करके CEC पर अपनी साख बचाने की जुगत में तो नहीं। इस्तीफा लेना एक बहाना है। असल में पर्दे के पीछे कहानी कुछ और हो।
