केरल में 31 मई को पहुंचेगा मानसून: मौसम विभाग

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने घोषणा की है कि वर्तमान जलवायु पूर्वानुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई के आसपास केरल में प्रवेश करने की उम्मीद है, जो बारिश के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होगा। मौसम विभाग ने कहा कि वास्तविक शुरुआत 27 मई से 4 जून के बीच हो सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर लगभग सात दिनों के मानक विचलन के साथ 1 जून को केरल में प्रवेश करता है।

मौसम एजेंसी ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में कहा, “इस साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून के +/- 4 दिनों के बफर के साथ 31 मई को केरल में पहुंचने की संभावना है।”

मौसम विभाग ने बताया है कि पिछले 19 वर्षों में (2005-2023) केरल में मॉनसून के आने की तारीख के सारे अनुमान लगभग सही साबित हुए हैं। सिर्फ 2015 एक ऐसा साल था जब मॉनसून को लेकर IMD का अनुमान सही साबित नहीं हुआ था।

मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल सामान्‍य से ज्‍यादा बारिश होने का अनुमान जताया है। 15 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में IMD ने कहा कि इस साल मॉनसून के सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून सीजन में अगस्त-सितंबर तक ‘ला नीना’ की स्थिति बनने की संभावना के साथ सामान्य से अधिक बारिश होने के अनुमान हैं। ज्यादातर परिस्थितियां मॉनसून के पक्ष में हैं और शुरुआती मॉनसून में अल-नीनो की स्थिति कमजोर होगी।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “यह जल्दी नहीं है। यह सामान्य तारीख के करीब है क्योंकि केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 1 जून है।”

उनके मुताबिक, ‘इस साल जून से सितंबर तक 106% लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) बारिश का अनुमान है। इस दौरान 87 सेमी बारिश की संभावना है।’

दक्षिण पश्चिम मानसून एक मौसमी पैटर्न है जो भारत में महत्वपूर्ण वर्षा लाता है और यह कृषि के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वजह से देश में अधिकांश वर्षा होती है। जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसून महीने माना जाता है क्योंकि इस अवधि में खरीफ फसल की अधिकांश बुआई होती है।

मानसून दक्षिण-पश्चिम से चलता है और आमतौर पर जून की शुरुआत में केरल पहुंचता है और सितंबर के अंत तक वापस चला जाता है। आईएमडी के मुताबिक, इस साल मानसून सीजन के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

पिछले साल, मानसून की शुरुआत अनुमानित तारीख से चार दिन की देरी से 8 जून को हुई थी।

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