महिला सुरक्षा पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने वाले राजस्थान के मंत्री बर्खास्त; बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

राजस्थान के मंत्री और कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने महिला सुरक्षा को लेकर अपनी ही सरकार की पोल खोलकर रख दी है। विधानसभा में गुढ़ा ने महिलाओं को सुरक्षा देने के मुद्दे पर गेहलोत सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को मणिपुर पर चर्चा करने के बजाय पहले अपने गिरेबां में देखना चाहिए। उनके इस वक्तव्य के कुछ ही घंटों बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुढ़ा को राज्य मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया।

राजेंद्र गुढ़ा प्रदेश में सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे।

शुक्रवार को राज्य विधानसभा में राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी विधेयक 2023 पर चर्चा हो रही थी। हालाँकि, उनके कांग्रेस सहयोगियों के विरोध के कारण चर्चा बाधित हुई। कांग्रेस के विधायकों ने 4 मई की मणिपुर घटना पर तख्तियां लहराईं। इसके बाद सदन में ही गुढ़ा ने महिलाओं को सुरक्षा देने के मुद्दे पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा, “यह सच है और इसे स्वीकार करना चाहिए कि हम महिला सुरक्षा में विफल रहे हैं। मणिपुर के बजाय हमें अपने अंदर झांकना चाहिए कि राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं।”

बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने गुढ़ा को राज्य मंत्रिमंडल से हटाए जाने पर कहा, ”इससे साफ पता चलता है कि गहलोत जी जानते हैं कि उनकी सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी।”

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “गहलोत राज में सच बोलना मना है! सत्य स्वीकार कर पाने का साहस नहीं है सीएम साहब में! उनके मंत्री राजेंद्र गुढ़ा जी ने विधानसभा में सच कह दिया तो गहलोत जी को इतना बुरा लगा कि उन्हें पद से ही हटा दिया। गहलोत साहब ने इस तरह अपने साथियों को चेतावनी दी है, सच बोलोगे तो बख्शे नहीं जाओगे! अपने ही साथियों को डराना, उनका मुंह सी देना, इसे भी तो दमन कहेंगे!”

बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा, सीएम अशोक गहलोत यूज एंड थ्रो के आदी हैं। जब भी उन्हें राजनीतिक लाभ की जरूरत होती है, वे लोगों को एक साथ लाते हैं…उन्होंने जोखिम से बचने के लिए ऐसा किया। अगर वह राजस्थान के मंत्री और कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा के बयान पर कार्रवाई करना चाहते थे, तो वह 3 महीने पहले कार्रवाई कर सकते थे…वह मणिपुर के बारे में बात करते हैं…उन्हें पहले अपने राज्य को देखने की जरूरत है।”

राजस्थान कैबिनेट से हटाए जाने के बाद राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी मीडिया से मुखातिब हुए और उन्होंने कहा, “मैं हमेशा सच बोलता हूं, मैं वही हूं… मुझे सच बोलने की सजा मिली। जनता मेरे साथ रहेगी, मैं उनके लिए काम करूंगा। चाहे वह (अशोक गहलोत) मुझे मंत्रिमंडल से हटा दें या जेल भेज दें, मैं जब तक जिंदा हूं, बोलता रहूंगा। हमारे राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं पर अत्याचार में राजस्थान नंबर 1 है। राज्य सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल रही है। मैं अशोक गहलोत से पूछना चाहता था कि वे इस मुद्दे पर कुछ करें… राज्य में पुलिस भ्रष्ट है, वे लोगों से रिश्वत लेने में व्यस्त हैं। ”

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