कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी के अभियान की शुरुआत जबलपुर में एक रैली के साथ की। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और नौकरियां देने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने व्यापमं और राशन वितरण में कथित भ्रष्टाचार का हवाला दिया और कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी के 220 महीनों के शासन में 225 घोटाले हुए हैं।
उन्होंने कहा, “पिछले तीन वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा राज्य में केवल 21 सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं। जब यह आंकड़ा मेरे संज्ञान में लाया गया, तो मैंने इसे अपने कार्यालय से तीन बार जांचा और पाया कि यह एक तथ्य है।”
प्रियंका ने कहा कि, ‘इनके(भाजपा) दिलों में आपके लिए कोई आस्था नहीं है। यहां आकर घोषणाएं करते हैं, उन्हें पूरा नहीं करते हैं। बड़ी-बड़ी बाते होती हैं, डबल इंजन और ट्रिपल इंजन की बाते होती हैं। ये हिमाचल और कर्नाटक में भी यही कहते थे। जनता ने इन्हें दिखा दिया कि ये डबल इंजन की बाते बंद करो और काम करो नहीं तो निकाल देंगे।’
गांधी ने कहा कि चौहान सरकार ने BJP ने 220 महीनों के शासन में 225 घोटाले किए हैं। व्यापम घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, खनन घोटाला, कोरोना घोटाला, बिजली विभाग का घोटाला, ई-टेंडर घोटाला, टीवी सेट वितरण घोटाला। इन्होंने नर्मदा मैया और महाकाल कॉरिडोर को भी नहीं छोड़ा।
प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में 900 मीटर का गलियारा 856 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और पहले चरण का खर्च 351 करोड़ रुपये है। पहले चरण का उद्घाटन पिछले साल अक्टूबर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ का उपहास उड़ाते हुए गांधी ने कहा, ‘हमने कई डबल और ट्रिपल इंजन वाली सरकारें देखी हैं, लेकिन हिमाचल और कर्नाटक के लोगों ने चुनावों में करारा जवाब दिया है।’
मालूम हो कि “डबल इंजन सरकार” भाजपा द्वारा राज्य और केंद्र में पार्टी की सत्तारूढ़ व्यवस्था होने का दावा करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है जो विकास के मामले में लोगों के लिए फायदेमंद रहा।
कांग्रेस नेता से भाजपा नेता बने और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए गांधी ने उनका नाम लिए बिना कहा कि मध्य प्रदेश में कुछ नेताओं ने सत्ता के लिए पार्टी की विचारधारा को त्याग दिया है। सिंधिया के वफादार विधायकों ने मार्च 2020 में कमलनाथ सरकार को गिराकर और चौहान के सत्ता में लौटने का मार्ग प्रशस्त करते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी।
प्रियंका ने अपने सरककर की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा की हमारी पार्टी ने जो भी वादे किए, हमने उन्हें छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में पूरा किया है। कांग्रेस शासित राज्यों की हालत देखिए और आपको पता चल जाएगा। जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो बहुत सारे काम और विकास किए गए. मध्य प्रदेश में भी मात्र डेढ़ साल की सरकार में कांग्रेस ने 27 लाख किसानों का 11,600 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 300 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए किया, 1 करोड़ परिवारों को 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली योजना का लाभ देने का काम किया, 1 हजार गौशालाओं का निर्माण किया और आदिवासियों के लिए 12 हजार बर्तन बैंक बनाए हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जबलपुर की धरती को ‘संस्कारधानी’ कहा जाता है। मध्य प्रदेश में ऐसी महिलाएं हुईं जो सत्य के लिए लड़ीं और इस धरती को गौरवान्वित किया। यह रानी दुर्गावती जी, रानी अहिल्याबाई जी और रानी अवंतीबाई जी की धरती है राजनीति में भी धर्म जैसी आस्था होनी चाहिए। नेताओं के दिलों में भी जनता और देश के प्रति ऐसी ही आस्था होनी चाहिए। जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, उनके दिल में भी देश के प्रति यही आस्था थी।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जबलपुर पहुँचने के बाद सबसे पहले ग्वारीघाट पहुंचकर नर्मदा की पूजा की।
मध्य प्रदेश में 2018 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने 230 सीटों में से 114 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी 109 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही थी। कांग्रेस ने निर्दलीय बसपा और सपा के समर्थन से गठबंधन सरकार बनाई।
